Former Indian Team Captain Sourav Ganguly On Dhruv Jurel: भारत और इंग्लैंड के बीच रांची में खेले गए चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने पहली और दूसरी पारी में कमाल की बल्लेबाजी की थी। ध्रुव जुरेल की बेहतरीन पारी के बाद कई दिग्गज खिलाड़ियों ने जुरेल की तुलना पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से करनी शुरू कर दी थी। अब इसपर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने बयान दिया है।
बता दें कि ध्रुव जुरेल रांची टेस्ट के नायक के रूप में निकले थे। पहली पारी में 90 रन की पारी के बाद दूसरी पारी में विकेटकीपिंग करते हुए बेन डकेट को रन आउट किया था। जुरेल ने दोनों डिपार्टमेंट कमाल का प्रदर्शन किया था और भारत को जीत दिलाई थी।
ध्रुव जुरेल में हैं प्रतिभा
भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने ध्रुव जुरेल को लेकर कहा कि वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने रांची टेस्ट में मुश्किल परिस्थितियों में आकर कमाल की बल्लेबाजी की थी। जुरेल तेज और स्पिन गेंदबाजी को सही तकनीक से खेलते हैं, आप हर खिलाड़ी में यह तलाशते हैं। गांगुली ने ध्रुव जुरेल और धोनी की तुलना पर कहा कि महेंद्र सिंह धोनी एक अलग लीग के खिलाडी हैं। उन्होंने आगे कहा कि धोनी को धोनी बनने में 15 साल का सफर तय करना पड़ा था। हालांकि ध्रुव जुरेल में काफी प्रतिभा हैं इसमें कोई संदेह नहीं है।
रांची टेस्ट में किया था प्रभावित
ध्रुव जुरेल को राजकोट टेस्ट में भारत की तरफ से टेस्ट डेब्यू करने का मौका मिला था। वह भारत के 312वें टेस्ट खिलाड़ी बने थे। उन्होंने राजकोट टेस्ट की पहली पारी में 46 रन बनाए थे। उसके बाद रांची टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी से सबको काफी प्रभावित किया था। रांची टेस्ट की पहली पारी में जुरेल नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए थे। उस समय भारत काफी मुश्किल स्थिति में नजर आ रहा था। तब उन्होंने कुलदीप यादव के साथ अच्छी साझेदारी की थी।
ध्रुव जुरेल ने पहली पारी में 90 रन बनाए थे और भारत को 307 तक पहुंचाया था। उनके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 77 गेंदों पर 39 रन की पारी खेली थी। ध्रुव जुरेल को उनकी दमदार परफॉर्मेंस के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
भारत का अगला मिशन धर्मशाला
रांची टेस्ट फतेह करने के बाद टीम इंडिया का अगला मिशन धर्मशाला टेस्ट जीतकर सीरीज 4-1 से जीतना होगा। भारत की तरफ से अभी तक युवा खिलाड़ियों ने मोर्चा संभालते हुए जीत दिलाई है। अब एक बार फिर धर्मशाला में भी भारत के युवा खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी होगी कि वह भारत को एक बार फिर इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दिलाए।
हालांकि धर्मशाला टेस्ट मैच भारत के अलावा इंग्लैंड के लिए भी काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। दरअसल जिस उम्मीद से इंग्लैंड भारत आई थी। उन्होंने पहले टेस्ट में वह करके भी दिखाया था, लेकिन उसके बाद वह बाकी तीन टेस्ट में प्रभावित करने में नाकाम रही थी। अब बेन स्टोक्स की नजर धर्मशाला टेस्ट जीतकर सीरीज खत्म करने पर होगी।