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‘हम सोचते थे यह सूखा कब खत्म होगा…’ वर्ल्ड चैंपियन कप्तान बनने पर आया हरमनप्रीत कौर का भावुक बयान

Harmanpreet Kaur: देश की बेटियों ने 2 नवंबर 2025 को लंबे समय से जारी आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर डाला. हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में साउथ अफ्रीका को मात देते हुए पहली बार विश्व कप के खिताब पर कब्जा जमाया. जीत के बाद कैप्टन हरमनप्रीत का भावुक बयान सामने आया है.

Author Written By: Shubham Mishra Updated: Nov 3, 2025 18:03
Harmanpreet Kaur

Harmanpreet Kaur: 12 वर्ल्ड कप में दूसरी टीम को चैंपियन बनते देखने का दर्द हरमनप्रीत कौर के जहन में था. 2022 में अपनी ही कप्तानी में ट्रॉफी ना जीत पाने की कसक भी मन में थी. मगर कहते हैं ना कामयाबी उन्हीं के कदम चूमती है, जो लड़ना, संघर्ष करना और हार मानना नहीं जानते हैं. 2 नवंबर 2025 की तारीख हरमनप्रीत के करियर की सबसे यादगार तारीख बन गई.

टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों के बाद हरमन की कप्तानी पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. बल्ले से भी भारतीय कप्तान फ्लॉप हो रही थीं. हालांकि, सेमीफाइनल और फाइनल मैच के बाद सबकुछ बदल गया. हरमनप्रीत इंडियन विमेंस क्रिकेट की चैंपियन कहलाने वाली इकलौती और पहली कप्तान बन गई. जीत के बाद कैप्टन का भावुक कर देने वाला बयान भी सामने आया है.

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हरमनप्रीत का भावुक बयान

वर्ल्ड कप का खिताब जीतने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, “मैंने स्मृति मंधाना के साथ कई वर्ल्ड कप खेले. हम जब भी हारते थे, तो हम निराश होकर घर लौटते थे और कुछ दिन एकदम शांत रहते थे. जब हम वापस लौटते थे, तो बस यही कहते थे कि हमको सबकुछ दोबारा से शुरू करना होगा. यह दिल तोड़ देने वाला होता था, क्योंकि हमने कई विश्व कप खेले, फाइनल, सेमीफाइनल तक पहुंचे और कई बार तो ट्रॉफी के एकदम नजदीक भी थे. हम सोचते थे कि यह सूखा कब खत्म कर पाएंगे?”

भारतीय कैप्टन ने आगे कहा, “हमको लगा कि हम मैच की पहली बॉल से जीत सकते हैं, क्योंकि जिस तरह से हमारी टीम ने आखिरी 3 मैचों में प्रदर्शन किया था उसके बाद कई चीजें हमारे लिए चेंज हो गई थी खासतौर पर हमारा आत्मविश्वास. हम एक टीम के तौर पर क्या कर सकते हैं यह हम जानते थे. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता था कि हम टॉस हार गए थे. हमको पता था कि बैटिंग के लिए कंडिशंस टफ होंगी, लेकिन हमें स्मृति और शेफाली को क्रेडिट देना होगा. इन दोनों ने शुरुआत के 10 ओवरों में शानदार बैटिंग की.”

ये भी पढ़ें: 7 मैचों में 328 रन, टीम इंडिया को दिलाया सेमीफाइनल का टिकट, फिर भी क्यों वर्ल्ड चैंपियन नहीं कहलाई यह खिलाड़ी?

कोच के शब्दों ने फूंकी जान

हरमनप्रीत ने बताया कि इंग्लैंड के खिलाफ मिली हार के बाद टीम का मनोबल पूरी तरह से टूट चुका था. इसके बाद टीम के कोच अमोल मजूमदार के शब्दों ने इंडियन प्लेयर्स में जान फूंकने का काम किया.

हरमन ने बताया, “इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद हम काफी निराश थे. कोच सर ने कहा कि हम एक ही गलती को बार-बार नहीं दोहरा सकते हैं और हमें लाइन को क्रॉस करना होगा. इस दिन के बाद काफी कुछ बदल गया. हमने विजुलाइजेशन और मेडिटेशन करना शुरू किया. हर किसी ने इस चीज को गंभीरता से लिया और एन्जॉय करना शुरू कर दिया. उस पल ने हमें समझाया कि हम यहां पर किसी वजह से यहां आए हैं और हमको इस बार करके दिखाना है.”

First published on: Nov 03, 2025 06:02 PM

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