Vitamin K की कमी से हो सकते हैं ये घातक रोग
Edited By Sunil Sharma

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कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल और कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा की गई एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि Vitamin K की कमी शरीर में फेफड़ों के खराब होने का कारण बन सकती है। ईआरजे ओपन रिसर्च जर्नल में गुरुवार को प्रकाशित हुए एक शोध के अनुसार विटामिन के हमारे फेफड़ों तथा श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों में इस विटामिन की कमी होती है, उनमें अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) और घरघराहट जैसे रोग हो सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार Vitamin K शरीर के घावों को ठीक करने में सहायता करता है और खून के थक्के बनाता है और चोट या घाव की वजह से बहने वाले रक्त को रोकता है। परन्तु यह पहली बार हुआ है कि विटामिन के का फेफड़ों पर सीधा सकारात्मक असर देखा गया है।
शोध में शामिल डॉ. टोर्किल जेस्पर्सन ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी आबादी पर Vitamin K के असर का अध्ययन किया गया है। इस रिसर्च को कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल और कोपेनहेगन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 24 से 77 वर्ष की आयु के 4,092 लोगों पर किया था। रिसर्च में पता चला कि जिन लोगों में विटामिन के कम था, उनमें FEV1 और FVC भी कम थे। शोध में शामिल एक शोधकर्ता जेस्पर्सन के अनुसार फेफड़ों की बीमारी वाले लोग, ‘विटामिन के’ की एक्स्ट्रा खुराक से लाभ उठा सकते हैं।
विटामिन के हमारे शरीर के लिए जरूरी है और यह कई तरह से हमारे शरीर पर पॉजिटिव असर डालता है। डॉक्टर विटामिन के के लिए पत्तेदार हरी सब्जियां, अनाज तथा तेल खाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा भी कई फलों और अन्य खाद्य पदार्थों में भी विटामिन के पाया जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और इसे डॉक्टरी सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या दूर करने के लिए डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें एवं उनकी सलाह से ही दवा लें।
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