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ब्रह्मांड में हम अकेले नहीं, जीवन और ग्रहों पर भी हो सकता, एलियन के शव और UFO से खास कनेक्शन

डॉ. आशीष कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर Universe Space Scientist NASA Research: हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं? या फिर पृथ्वी की तरह अन्य ग्रहों पर भी जीवन हो सकता है? यह ऐसा सवाल है,जो वैज्ञानिक बिरादरी से लेकर ब्रह्मांडीय जीवन में रूचि रखने वाले हर व्यक्ति के मन में उठता है। समय-समय पृथ्वी पर ऐसी रहस्मयी […]

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डॉ. आशीष कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर

Universe Space Scientist NASA Research: हम इस ब्रह्मांड में अकेले हैं? या फिर पृथ्वी की तरह अन्य ग्रहों पर भी जीवन हो सकता है? यह ऐसा सवाल है,जो वैज्ञानिक बिरादरी से लेकर ब्रह्मांडीय जीवन में रूचि रखने वाले हर व्यक्ति के मन में उठता है। समय-समय पृथ्वी पर ऐसी रहस्मयी घटनाएं भी होती रहती हैं, जो परग्रही जीवन की संभावनाओं को बल देती हैं। कुछ वैज्ञानिक तो यहां तक दावा करते हैं कि एलियन या परग्रही जीव पृथ्वी पर आते जाते रहते हैं। वे पृथ्वी पर नजर बनाए हुए हैं। विश्व में अनेक वैज्ञानिक संस्थाएं एलियन और UFO की जानकारी जुटाने का काम कर रही हैं।

समय-समय पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से UFO देखे जाने की खबरें आती रही हैं, लेकिन कोई भी इनके बारे में ठीक-ठीक नहीं बता पाता है कि यह रहस्यमयी चीजें क्यों दिखाई देती हैं। कहीं यह हमारा दृष्टिभ्रम तो नहीं है या एलियन जगत के जीवों के साधन उपकरण तो नहीं? इस संदर्भ में कई ऐसे सवाल हैं, जो हमें कुरेदते रहते हैं। सच जो भी हो इनके अस्तित्व पर अविश्वास भी नहीं किया जा सकता है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि ब्रह्मांड में और गहों पर जीवन-पानी है।

मैक्सिको की संसद में पेश किए गए एलियन शव

मैक्सिको की संसद में 12 सितंबर 2023 को 2 शवों को पेश किया गया था, जिनके एलियंस की बॉडी होने का दावा किया गया। मैक्सिन जर्नलिस्ट और यूफोलॉजिस्ट जेम मोसान ने मीडिया को बताया कि यह शव पेरू की खदान में मिले थे। शवों को एक हजार साल से अधिक पुराना बताया गया है। शवों को मैक्सिको स्थित मोसान के ऑफिस में शीशे के बॉक्स में रखा गया है। शव प्रथम दृष्टया इंसानों जैसे ही नजर आते हैं, लेकिन उनके हाथों की बनावट अलग है। उनके हाथों में 5 की जगह 3 अंगुलियां हैं। मोसान ने अपने दावों के समर्थन में DNA टेस्टिंग और कार्बन डेटिंग से जुड़े टेस्ट की रिपार्ट भी सांझा की है। हालांकि कुछ वैज्ञानिक एलियन के शव होने के दावे को खारिज कर रहे हैं।

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ब्रह्मांड में अनेक ग्रहों पर हो सकता जीवन

वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिन्स ने कहा था कि इस विशाल ब्रह्मांड में परग्रही जीवन होने की पूरी संभावना है। अरबों आकाशगंगाओं वाले ब्रह्मांड में ऐसे अनेक ग्रह हो सकते हैं, जहां पृथ्वी जैसा जीवन हो। पृथ्वी पर समय-समय दिखाई देने वाली UFO को भी परग्रही जीवन से जोड़कर देखा जाता है। परग्रही जीवन में विश्वास करने वाले दावा करते हैं कि ब्रह्मांड में पृथ्वी से उन्नत सभ्यताएं निवास करती हैं। उनके जीव पृथ्वी पर आते रहते हैं। उनके जहाजों को ही UFO के रूप में जाना जाता है।

UFO को लेकर नासा ने पेश की रिपोर्ट

नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने हाल में ही UFO पर आधारित एक रिपोर्ट पेश करते हुए यह कहकर सभी को चौंका दिया था कि इस ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा अन्य ग्रहों पर भी जीवन है। एलियन कोई कल्पना मात्र नहीं, बल्कि उन्हें खोजने भर की देरी है। यह उनकी व्यक्गित राय है। नासा ने 36 पेज की एक रिपोर्ट UAP यानी ‘अनआइडेंटिफाइड एनोमेलस फिनोमिना, इंडिपेंडेंट स्टडी टीम रिपोर्ट’ नाम से जारी की है। इसमें विभिन्न 144 घटनाओं का विश्लेषण किया गया है। हालांकि इसमें UFO के अनुभवों के बारे में कुछ नहीं दिया गया है।

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भारत में कई जगहों पर देखी गईं UFO

दुनिया में UFO देखे जाने का दावा करना कोई नई घटना नहीं है। भारत में भी UFO देखे जाने के दावे किए जाते रहे हैं। 15 मार्च 1951 को सुबह 10 बजकर 21 मिनट पर दिल्ली के फ्लाइंग क्लब के सदस्यों ने सिगार के आकार के ऑब्जेक्ट को हवा में उड़ते हुए देखा था। दावा हुआ था कि वह मैटेलिक सिगार के आकार की चीज दिल्ली फ्लाइंग क्लब हैंगर के चारों ओर तेजी से मंडरा रही थी। उसकी लंबाई लगभग 100 फीट से अधिक थी। बाद में वह वस्तु उड़ते हुए आसमान में गायब हो गई। ‘नेशनल इनवेस्टिगेशन कमेटी ऑन एरियल फिनोमिना’ की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया गया। इस घटना का अधिकृत ब्यौरा देने वाले व्यक्ति एरियल चीफ इंजीनियर जार्ज एफ फ्लोटे थे। इस घटना को कई लोगों ने प्रत्यक्ष देखा, जो उस समय क्लब में कार्य करते थे।

जब हिमाचल प्रदेश में भारतीय वैज्ञानिकों का सामना हुआ UFO से

27 सितंबर 2004 को भारत के वैज्ञानिकों की एक टीम ने हिमाचल प्रदेश की लाहौल स्पीति घाटी में UFO देखे जाने का दावा किया था। चंद्र ताल के पास समुद्र टापू नामक जगह पर वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार की वस्तु को आसमान में तेजी से मंडराते देखा था। इसे देखने का दावे करने वाली टीम में 5 भारतीय वैज्ञानिक थे, जो चंद्र ताल के पास ग्लेशियरों का अध्ययन कर रहे थे। वैज्ञानिकों की 5 सदस्यीय टीम में से 3 सदस्य अहमदाबाद स्थित इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर से थे और 2 व्यक्ति जियोलिस्ट थे।

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इस टीम को इसरो के सीनियर वैज्ञानिक अनिल कुलकर्णी लीड कर रहे थे। ग्लेशियरों को अध्ययन करने के लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश में चंद्र ताल के पास समुद्र से करीब 17 हजार फीट की उंचाई पर अपना कैंप बना रखा था। वैज्ञानिकों का यह अभियान 7 दिनों का था। वे सैटेलाइट मैपिंग के आधार पर चंद्र ताल ग्लेशियर का अध्ययन कर रहे थे। 27 सितंबर की सुबह करीब 6 बजकर 45 मिनट पर भारतीय वैज्ञानिकों की टीम ने UFO को देखने का दावा किया। उन्होंने इस उड़ती हुई विशेष चीज को करीब 40 मिनट तक देखा।

कोलकाता के आसमान में देखी गई रहस्यमयी वस्तु

29 अक्टूबर 2007 को कोलकाता के आसमान में रहस्यमयी चीज देखी गई। उस दिन सोमवार था, कोलकाता की पूर्वी दिशा में शाम को साढे़ 3 बजे से साढे़ 6 बजे के बीच स्थानीय लोगों ने आकाश में एक रहस्यमयी वस्तु को देखा। लोगों ने उस घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन जांच में उस घटना के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं हो सका। अटकलें यह भी लगाई गईं कि यह किसी मिसाइल या किसी और वस्तु का परीक्षण भी हो सकता है। हालांकि किसी स्पष्ट नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका।

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चेन्नई में देखी गई UFO

20 जून 2013 को चेन्नई के लोगों ने आसमान में 5 लाइटों वाली अनजान वस्तु को मंडराते देखा। वह वस्तु शाम के करीब 8 बजकर 55 मिनट पर दक्षिण से उत्तर की ओर गति कर रही थी और उसमें से तेज प्रकाश निकल रहा था।

पंजाब के लुधियाना में UFO देखे जाने का दावा

दिसंबर 2021 में लुधियाना के आसमान में अजीबो-गरीब प्रकाश देखा गया, जिसे UFO होने का दावा किया गया। आसमान में तेजी से उड़ती वस्तु से कई रंगों का प्रकाश निकल रहा था।

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भारतीय सैनिकों ने लद्दाख में देखी रहस्मयी वस्तु

4 अगस्त 2013 को भारतीय सेना के कुछ जवानों ने लद्दाख के ‘लगान खेड़ा डेमचोक’ एरिया में आसमान में रहस्यमयी वस्तु देखने का दावा किया था। हालांकि यह कोई नई घटना नहीं है। हिमालय के उंचे इलाकों पर इस प्रकार की वस्तु देखे जाने का कई बार दावा किया गया है, लेकिन जांच करने पर कभी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। विशेषज्ञों ने घटनाओं का अपने अनुसार विश्लेषण करने का प्रयास किया, लेकिन कोई एक नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है।

2014-2015 में देश के कई हिस्सों में हुई UFO की घटनाएं

वर्ष 2014-2015 में देश के कई हिस्सों में UFO देखी गईं। 23 जुलाई 2014 को लखनऊ के राजाजीपुरम एरिया के आसमान में लोगों ने UFO देखे जाने का दावा किया। स्थानीय लोगों का कहना था कि उन्होंने आसमान में चमकती रहस्यमयी वस्तु देखी।

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अक्टूबर 2014 में एक हवाई जहाज के कमर्शियल पायलट ने उड़ाने भरते समय पुणे के आसमान में करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर अपने जहाज के चारो ओर नीले रंग की एक रहस्यमयी चीज को मंडराते हुए देखा था। इसकी जानकारी पायलट ने मुंबई एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भी दी थी।

केरल राज्य के कोच्चि में 29 अक्टूबर 2014 को आसमान में रंगबिरंगी प्रकाशयुक्त रहस्यमयी वस्तुएं देखी गई। घटना के कारण बाद में स्पष्ट नहीं हो सके, लेकिन स्थानीय लोगों ने उस रहस्यमयी प्रकाश युक्त वस्तु के फोटो भी खींचे।

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जून 2015 में कानपुर के एक लड़के अभिजीत ने अपने फोन से UFO की तस्वीर लेने का दावा किया। मोबाइल से खींचे  फोटो में आसमान में तश्तरी के आकार की एक वस्तु दिखाई दे रही थी।

(लेखक इंटरनेशनल स्कूल आफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्टडीज (ISOMES) में  कार्यरत हैं)

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First published on: Sep 20, 2023 04:44 PM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं एमफिल कोर्स किया है। 13 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री से जुड़ी हूं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के माल‍िकाना हक वाले News 24 हिंदी डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हूं। चीफ सब एडिटर की भूमिका निभाते हुए यहां की कोर टीम का हिस्सा हूं। नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम, फीचर आदि टॉपिक कवर करती हूं। घूमने, खाने और शॉपिंग की शौकीन खुशबू को नए ट्रेंड, नई जगह और ऐडवेंचर की तलाश रहती है।

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