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सोलर सिस्टम के बाहर भी है जीवन? पृथ्वी से 63 प्रकाश-वर्ष दूर एक ग्रह पर मिले रहस्यमय रेडियो सिग्नल

नासा (NASA) के अनुमान के मुताबिक बीटा पिक्टोरिस बी का मास बृहस्पति से करीब 11.7 गुना अधिक है. यह अपने तारे से लगभग 1.496 अरब किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और उसे एक चक्कर पूरा करने में करीब 23.6 साल लगते हैं.

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बीटा पिक्टोरिस बी का मास बृहस्पति से करीब 11.7 गुना अधिक है. (Photo: AI)

मानव सभ्यता में अब तक पृथ्वी की एक ग्रह है, जहां जीवन मौजूद है और हम सभी यहीं रहते हैं. हालांकि ब्रह्मांड में कोई दूसरा ऐसा ग्रह नहीं है, इस बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता, क्योंकि अब तक वैज्ञानिकों को भी नहीं पता कि अंतरिक्ष का अंत कहा है. दूसरे ग्रहों पर जीवन की खोज के लिए शोधकर्ताओं ने कई ऑपरेशन चलाए, और ये खोज अभी भी जारी है. हाल ही में वैज्ञानिक उस समय हैरान रह गए, जब पृथ्वी से करीब 63 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक विशाल ग्रह से रहस्यमयी रेडियो तरंगों का पता चला.

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क्या सोलर सिस्टम से बाहर मिला जीवन?

आपको जानकर हैरानी होगी कि साइंटिस्ट्स को पहली बार ऐसे रेडियो सिग्नल्स का पता चला है, जिनका सोर्स सीधे उस ग्रह से जुड़ा पाया गया है. हालांकि, वैज्ञानिकों ने साफ किया है कि इन रेडियो संकेतों को एलियन जीवन का प्रमाण नहीं माना जा सकता. शुरुआती रिसर्च के मुताबिक, ये सिग्नल्स ग्रह के आसपास बनने वाली विशाल ऑरोरा यानी ध्रुवीय रोशनी से उत्पन्न हो रहे हैं. रेडियो तरंगे छोड़ रहा यह ग्रह बीटा पिक्टोरिस बी (Beta Pictoris b) है, जो बीटा पिक्टोरिस नाम के युवा तारे की परिक्रमा करता है. इसे साल 2008 में खोजा गया था.

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23.6 साल में पूरा करता है अपने तारे का चक्कर

नासा (NASA) के अनुमान के मुताबिक बीटा पिक्टोरिस बी का मास बृहस्पति से करीब 11.7 गुना अधिक है. यह अपने तारे से लगभग 1.496 अरब किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है और उसे एक चक्कर पूरा करने में करीब 23.6 साल लगते हैं. वैज्ञानिकों को इस सिस्टम से पहले भी रेडियो गतिविधि के संकेत मिल चुके थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि ये तरंगें तारे से आ रही हैं या उसके किसी ग्रह से. इस रहस्य को सुलझाने के लिए हार्वर्ड एंड स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स और यूनिवर्सिटी ऑफ ओरेगन के शोधकर्ताओं ने दक्षिण अफ्रीका स्थित MeerKAT रेडियो टेलीस्कोप एरे का इस्तेमाल किया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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