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Shiva Mantra Benefits: 11 दिन तक ‘ॐ नमः शिवाय’ जपेंगे तो क्या होगा? जानिए जाप का समय और सही तरीका

Shiva Mantra Benefits: 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र शिव साधना का सबसे सरल बल्कि बेहद शक्तिशाली मंत्र भी है. इस षडाक्षरी शिव मंत्र में 'ॐ' की ध्वनि भी है, जिससे यह एक पूर्ण प्रभावशाली मंत्र है. आइए जानते हैं, 11 दिन तक 'ॐ नमः शिवाय' जपेंगे तो क्या होगा, जाप का समय और सही तरीका क्या है?

Author Written By: Shyamnandan Updated: Dec 22, 2025 19:17
Shiva-Mantra-Benefits

Shiva Mantra Benefits: भगवान शिव को महादेव कहा जाता हैं, वे त्रिदेवों में से एक हैं, जो समय से परे होने के कारण महाकाल भी कहलाते हैं. भगवान भोलेनाथ का सरल, सबसे शक्तिशाली और प्रसिद्ध मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ है. इसे षडाक्षरी शिव मंत्र भी कहते हैं. कहते हैं, यह केवल शब्द नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की शक्ति का स्रोत माना गया है. मान्यता है कि यह मंत्र शरीर के पांच तत्वों, पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को संतुलित करता है. जब ये तत्व संतुलित होते हैं, तो शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं.

आपको बता दें कि आधुनिक विज्ञान के अनुसार, इस मंत्र का उच्चारण करने से मस्तिष्क में सकारात्मक कंपन पैदा होते हैं. ये कंपन तनाव को कम करने और मानसिक शांति देने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं, 11 दिन तक ‘ॐ नमः शिवाय’ जपेंगे तो क्या होगा, जाप का समय और सही तरीका क्या है?

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मंत्र का अर्थ और महत्व

‘ॐ नमः शिवाय’ का अर्थ है ‘मैं भगवान शिव को प्रणाम करता हूं’. इसमें ‘ॐ’ ब्रह्मांड की सर्वोच्च ध्वनि है. यह मंत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि आत्मा को भगवान से जोड़ने का माध्यम है. इसके नियमित जाप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है. यह मंत्र अहंकार को कम करता है और हृदय में करुणा और संयम का संचार करता है.

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पंचाक्षरी और षडाक्षरी मंत्र में अंतर

अक्सर लोग ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘नमः शिवाय’ में उलझ जाते हैं और अंतर नहीं समझ पाते है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, नमः शिवाय मूल पंचाक्षरी यानी 5 अक्षरों वाला मंत्र है और ॐ नमः शिवाय षडाक्षरी मंत्र है, जिसमें ‘ॐ’ जुड़ने से यह मंत्र और भी शक्तिशाली हो जाता है. दोनों मंत्रों का उद्देश्य समान है, लेकिन साधना और जाप में ‘ॐ’ के साथ उच्चारण करना अधिक प्रभावशाली माना जाता है. कहा जाता है कि सगुण और भौतिक लक्ष्य की प्राप्ति में पंचाक्षरी मंत्र अधिक लाभकारी है.

क्या कहते हैं शास्त्र

शिवपुराण में लिखा है कि इस मंत्र के जाप से पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. देवी पुराण बताती है कि यह मंत्र मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ाता है. वहीं स्कंद पुराण में कहा गया है कि जो व्यक्ति इस मंत्र का नियमित जाप करता है, उसके जीवन में अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है.

11 दिन तक जाप करने के लाभ

पहले से तीसरे दिन तक जाप का असर: पहले से तीसरे दिन तक ॐ नमः शिवाय काजाप करने पर मन की बेचैनी कम होने लगती है और भीतर एक अजीब सी शांति का अनुभव होता है. शरीर हल्का लगता है और मन सकारात्मक सोच से भरने लगता है.

सात दिन तक जाप का असर: सात दिन तक लगातार जाप से स्वभाव में बदलाव आता है. गुस्सा कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और आसपास का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक प्रतीत होता है.

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ग्यारह दिन तक जाप का प्रभाव: आभा मंडल सकारात्मक होता है. रुके हुए काम बनने लगते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है. ऐसा लगता है जैसे कोई दिव्य शक्ति आपका मार्गदर्शन कर रही हो.

जाप का सही तरीका

– जाप का सही समय: सबसे अच्छा समय सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल और सुबह होने से पहले ब्रह्म मुहूर्त में 4 से 6 बजे के बीच है.
– उपयुक्त दिशा: मंत्र का जाप करने के लिए साफ कपड़े पहनकर उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें.
– साधन: ऊनी आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला का उपयोग सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है.
– ध्यान: जाप करते समय मंत्र और शिव के स्वरूप पर पूरा ध्यान दें.

ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि श्रद्धा और विश्वास जाप के सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं. यदि आप पूर्ण निष्ठा के साथ लगातार 11 दिन तक जाप करेंगे, तो आप मानसिक शांति, ऊर्जा और आंतरिक शक्ति में असाधारण परिवर्तन महसूस करेंगे.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

First published on: Dec 22, 2025 07:17 PM

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