Sadguru Tips: आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव अपने प्रवचन के एक वीडियो में बताते हैं कि हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे. क्योंकि, घर केवल रहने की जगह नहीं होता, बल्कि वह हमारी सोच, भावनाओं और जीवन की दिशा को भी प्रभावित करता है. यदि घर का वातावरण भारी या नकारात्मक हो जाए, तो मन बेचैन रहता है और काम भी ठीक से नहीं बनते हैं. इसलिए सद्गुरु के अनुसार, घर की ऊर्जा को शुद्ध रखना उतना ही जरूरी है जितना शरीर और मन को स्वस्थ रखना. आइए जानते हैं, यदि हर दिन एनर्जी चाहिए, तो घर को किन खास उपायों से से शुद्ध कर सकते हैं, ताकि नेगेटिव एनर्जी करीब भी नहीं आ पाए?
घर की बनावट और ऊर्जा का संबंध
सद्गुरु बताते हैं कि घर की बनावट ऊर्जा को प्रभावित करती है. अलग अलग प्रकार की बनावट अलग तरह की ऊर्जा संरचना बनाती है. यदि यह ऊर्जा असंतुलित हो जाए, तो जीवन में रुकावटें आने लगती हैं. इसलिए घर को खुला, साफ और संतुलित रखना जरूरी है. फालतू सामान जमा न करें और हवा तथा रोशनी का सही प्रवाह बनाए रखें.
लोबान और चंदन का प्रयोग
घर को शुद्ध करने का एक सरल उपाय है लोबान या चंदन का प्रयोग. सद्गुरु के अनुसार लोबान प्राकृतिक अगरबत्ती की तरह काम करती है. इसे जलाने से वातावरण हल्का होता है और नकारात्मकता कम होती है. सप्ताह में कुछ दिन सुबह या शाम को लोबान जलाने से घर की ऊर्जा साफ होती है और मन को भी शांति मिलती है.
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घर में दीपक जलाने का महत्व
दीपक जलाना केवल धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को संतुलित करने का एक तरीका भी है. सद्गुरु के अनुसार घर में रोज एक दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध रहता है. दीपक की लौ स्थिरता और स्पष्टता का प्रतीक है. इससे मन शांत होता है और घर में सकारात्मक भाव बना रहता है. दीपक को साफ जगह पर रखें और श्रद्धा के साथ जलाएं.
पूजा और ध्यान से बढ़ेगी सकारात्मकता
घर में समय समय पर पूजा या ध्यान करने से वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है. सद्गुरु मां भैरवी की पूजा को विशेष रूप से प्रभावशाली मानते हैं. उनका कहना है कि इस पूजा से घर की नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और स्थिरता आती है. यदि पूजा संभव न हो, तो रोज कुछ मिनट शांत बैठकर ध्यान करना भी लाभकारी होता है.
रोजमर्रा की छोटी आदतें
घर की सफाई, मीठे शब्दों का प्रयोग और आपसी सम्मान भी ऊर्जा को प्रभावित करते हैं. झगडा, गुस्सा और अव्यवस्था नकारात्मकता को बढ़ाते हैं. इसलिए घर में प्रवेश करते समय मन को शांत रखें और मुस्कान के साथ दिन की शुरुआत करें.
सद्गुरु के अनुसार, घर की शुद्धता बाहरी उपायों के साथ साथ हमारी सोच और व्यवहार से भी जुडी होती है. लोबान, दीपक और पूजा जैसे सरल उपाय अपनाकर घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं. जब घर शुद्ध होगा, तो मन भी शांत रहेगा और जीवन अपने आप संतुलन में आने लगेगा.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Sadguru Tips: आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव अपने प्रवचन के एक वीडियो में बताते हैं कि हर व्यक्ति चाहता है कि उसका घर शांति, सुख और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहे. क्योंकि, घर केवल रहने की जगह नहीं होता, बल्कि वह हमारी सोच, भावनाओं और जीवन की दिशा को भी प्रभावित करता है. यदि घर का वातावरण भारी या नकारात्मक हो जाए, तो मन बेचैन रहता है और काम भी ठीक से नहीं बनते हैं. इसलिए सद्गुरु के अनुसार, घर की ऊर्जा को शुद्ध रखना उतना ही जरूरी है जितना शरीर और मन को स्वस्थ रखना. आइए जानते हैं, यदि हर दिन एनर्जी चाहिए, तो घर को किन खास उपायों से से शुद्ध कर सकते हैं, ताकि नेगेटिव एनर्जी करीब भी नहीं आ पाए?
घर की बनावट और ऊर्जा का संबंध
सद्गुरु बताते हैं कि घर की बनावट ऊर्जा को प्रभावित करती है. अलग अलग प्रकार की बनावट अलग तरह की ऊर्जा संरचना बनाती है. यदि यह ऊर्जा असंतुलित हो जाए, तो जीवन में रुकावटें आने लगती हैं. इसलिए घर को खुला, साफ और संतुलित रखना जरूरी है. फालतू सामान जमा न करें और हवा तथा रोशनी का सही प्रवाह बनाए रखें.
लोबान और चंदन का प्रयोग
घर को शुद्ध करने का एक सरल उपाय है लोबान या चंदन का प्रयोग. सद्गुरु के अनुसार लोबान प्राकृतिक अगरबत्ती की तरह काम करती है. इसे जलाने से वातावरण हल्का होता है और नकारात्मकता कम होती है. सप्ताह में कुछ दिन सुबह या शाम को लोबान जलाने से घर की ऊर्जा साफ होती है और मन को भी शांति मिलती है.
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घर में दीपक जलाने का महत्व
दीपक जलाना केवल धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को संतुलित करने का एक तरीका भी है. सद्गुरु के अनुसार घर में रोज एक दीपक जलाने से वातावरण शुद्ध रहता है. दीपक की लौ स्थिरता और स्पष्टता का प्रतीक है. इससे मन शांत होता है और घर में सकारात्मक भाव बना रहता है. दीपक को साफ जगह पर रखें और श्रद्धा के साथ जलाएं.
पूजा और ध्यान से बढ़ेगी सकारात्मकता
घर में समय समय पर पूजा या ध्यान करने से वातावरण में नई ऊर्जा का संचार होता है. सद्गुरु मां भैरवी की पूजा को विशेष रूप से प्रभावशाली मानते हैं. उनका कहना है कि इस पूजा से घर की नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और स्थिरता आती है. यदि पूजा संभव न हो, तो रोज कुछ मिनट शांत बैठकर ध्यान करना भी लाभकारी होता है.
रोजमर्रा की छोटी आदतें
घर की सफाई, मीठे शब्दों का प्रयोग और आपसी सम्मान भी ऊर्जा को प्रभावित करते हैं. झगडा, गुस्सा और अव्यवस्था नकारात्मकता को बढ़ाते हैं. इसलिए घर में प्रवेश करते समय मन को शांत रखें और मुस्कान के साथ दिन की शुरुआत करें.
सद्गुरु के अनुसार, घर की शुद्धता बाहरी उपायों के साथ साथ हमारी सोच और व्यवहार से भी जुडी होती है. लोबान, दीपक और पूजा जैसे सरल उपाय अपनाकर घर को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं. जब घर शुद्ध होगा, तो मन भी शांत रहेगा और जीवन अपने आप संतुलन में आने लगेगा.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।