Nautapa 2025 Upay: नौतपा में लगाएं ये 9 खास भोग, सूर्यदेव हरेंगे हर भय और रोग

Nautapa 2025 Upay: नौतपा नौ दिनों की विशेष अवधि है, जब सूर्य की किरणें सबसे तेज होती हैं। इसकी शुरुआत कल 25 मई, 2025 से हो रही है। हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार, इस अवधि सूर्य पूजा करने से जीवन सुखमय और शांतिपूर्ण रहता है। आइए जानते हैं, नौतपा में लगाए जाने 9 खास भोग के बारे में, जिसे अर्पित करने से हर भय और रोग दूर रहता है।

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Nautapa 2025 Upay: नौतपा यानी नौ दिन की वह अवधि जब सूर्य की किरणें सबसे तेज और तीव्र होती हैं। यह समय हर साल ज्येष्ठ मास में आता है, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं। नौतपा का समय ऊर्जा, आरोग्य और आध्यात्मिक उन्नति का काल होता है। नौतपा का यह विशेष समय कल रविवार 25 मई से सोमवार 2 जून, 2025 तक रहेगा।

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मान्यता है कि इस समय सूर्य की उपासना करने से जीवन में रोग, भय और नकारात्मकता का अंत होता है। इस दौरान सूर्य देव को विशेष भोग अर्पित करने से उनकी कृपा से जीवन में सुख, शांति और ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं, नौतपा में सूर्यदेव को अर्पित किए जाने वाले 9 खास भोग, जिनसे मिलेगा हर संकट का समाधान—

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तांबे के लोटे से अर्घ्य: हर सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। उसमें लाल चंदन, कुमकुम और लाल फूल मिलाएं। पूर्व दिशा में सूर्य की ओर मुख करके ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र बोलते हुए जल अर्पित करें। यह मानसिक शांति और रोगमुक्ति में सहायक होता है।

गुड़ का भोग: गुड़ सूर्य देव को अत्यंत प्रिय है। इसे तांबे की थाली में रखकर अर्पित करें और सूर्य मंत्रों का जाप करें। यह शरीर को उर्जा देता है और आर्थिक संकट दूर करता है।

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चने का भोग: भुने हुए या उबले हुए चने के साथ गुड़ मिलाकर सूर्य देव को अर्पण करें। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

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गेहूं के आटे का हलवा: शुद्ध घी में बना गेहूं का हलवा लाल चंदन डालकर सूर्य को चढ़ाएं। यह पारिवारिक सुख-शांति और कार्यों में सफलता दिलाता है।

लाल फल: लाल रंग सूर्य का प्रतीक है। लाल सेब या अनार चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आत्मबल बढ़ता है। यह विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए विशेष लाभकारी है।

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मसूर दाल: पकी हुई मसूर दाल या मसूर की खिचड़ी सूर्य देव को अर्पित करें। यह पेट संबंधी रोगों को दूर करता है और ग्रहों के दुष्प्रभाव को शांत करता है।

केसर मिला दूध या मिठाई: थोड़ा-सा केसर दूध में मिलाकर या किसी मिठाई में डालकर सूर्य देव को अर्पित करें। केसर यश, तेज और मानसिक शक्ति का प्रतीक है।

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पंचामृत का भोग: पंचामृत यानी दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रित भोग से सूर्य देव को स्नान कराएं या अर्पण करें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

घी का दीपक और लाल पुष्प: सूर्य को प्रसन्न करने के लिए सुबह लाल पुष्प अर्पित करें और शुद्ध घी का दीपक जलाएं। सूर्य मंत्रों का जाप करते हुए यह उपाय करें। यह उपाय विशेष रूप से जीवन में स्थिरता और शुभता लाने वाला है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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