Kaalchakra: उम्र के किस मोड़ पर रहेंगे परेशान? पंडित सुरेश पांडेय से जानें तनाव और ग्रहों के बीच का कनेक्शन

Kaalchakra Today: आज के समय में हर व्यक्ति किसी न किसी कारण परेशान है। जहां कुछ लोगों को घर की टेंशन है, वहीं कई लोग नौकरी न मिलना, कारोबार न बढ़ना या गृह क्लेश से तंग आ चुके हैं। हालांकि कुंडली में ग्रहों की स्थिति का आकलन करके ये पता चल सकता है कि व्यक्ति को किस उम्र में तनाव का सामना करना पड़ेगा।

Kaalchakra Today 23 August 2025

सांकेतिक फोटो, Credit- News24 Graphics

Kaalchakra Today 23 August 2025: ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों और 12 राशियों का वर्णन है। प्रत्येक ग्रह जीवन के किसी न किसी पहलू का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में कुंडली में ग्रहों की स्थिति को देखकर किसी भी व्यक्ति के बारे में कई बातें पता चल सकती हैं। यहां तक कि ये भी पता चल सकता है कि उम्र के किस मोड़ पर व्यक्ति सबसे ज्यादा परेशान रहेगा। दरअसल, ग्रहों के अशुभ संयोग या प्रभाव के कारण व्यक्ति को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। खासकर कुंडली में चंद्र ग्रह पीड़ित हो तो मानसिक तनाव बढ़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि चंद्र देव को मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है।

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आज के कालचक्र में प्रश्न कुंडली विशेषज्ञ पंडित सुरेश पांडेय आपको तनाव और चंद्र ग्रह के बीच के कनेक्शन के बारे में विस्तार से बताएंगे।

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चंद्रमा और तनाव के बीच का कनेक्शन

  • कुंडली में जिनका चंद्रमा निर्बल होता है, उन्हें बहुत जल्दी सर्दी-जुकाम होता है। दरअसल, रक्त प्रवाह और हृदय चंद्रमा के अधिकृत क्षेत्र हैं।
  • चंद्रमा यदि उच्च राशि का कुंडली में स्थित हो तो व्यक्ति मीठे का शौकीन बनता है।
  • चंद्रमा नीच राशि का हो तो धर्म और बुद्धि का नाश करता है। साथ ही व्यक्ति को दुखों का सामना करना पड़ता है।
  • चंद्रमा शुक्र के साथ हो तो मां के प्यार और सुख से व्यक्ति वंचित रहता है।
  • कुंडली में चंद्रमा और राहु की युति हो तो व्यक्ति सुख-सुविधाओं को पाने के पीछे भागता है और तनाव में रहता है।
  • राहु और चंद्रमा एक साथ हो तो व्यक्ति का मन बच्चे जैसा चंचल होता है। ऐसा व्यक्ति अधीर हो जाता है और शांत नहीं बैठता है।

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पूर्णिमा का भी पड़ता है प्रभाव

वहीं, जिनकी पाचन क्रिया सामान्य की तुलना में मंद होती है, खाने के बाद नींद आती है या नशे जैसा महसूस होता है, उन लोगों पर पूर्णिमा का प्रभाव मुख्य रूप से देखा जाता है। इन लोगों के शरीर में न्यूरॉन सेल्स और भी कम गति से काम करते हैं। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति को पूर्णिमा के दिन व्रत रखना चाहिए। साथ ही चंद्र देव की पूजा से लाभ होता है।

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यदि आप ये चंद्र ग्रह और तनाव के बीचे के कनेक्शन के बारे में और भी जानना चाहते हैं तो इसके लिए ऊपर देख सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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