Ganesh Chaturthi 2024: चौथ का चांद देखना है मना, गलती से दिख जाए तो करें ये 9 उपाय

Ganesh Chaturthi 2024: भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी का त्योहार के दिन चंद्रमा को देखना अशुभ माना जाता है और इसे ‘चंद्रदर्शन दोष’ कहा गया है। इससे व्यक्ति पर झूठे आरोप लग जाते हैं। लेकिन भूल वश यदि इस रोज चांद दिख जाए तो आइए जानते हैं, कि क्या उपाय करने से लाभ होता है?

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Ganesh Chaturthi 2024: विघ्नहर्ता श्रीगणेश के जन्मोत्सव का त्योहार गणेश चतुर्थी शनिवार 7 सितंबर 2024 को है। इसे विनायक चतुर्थी और गणेश चौथ भी कहते हैं। इस 10 दिवसीय त्योहार का समापन 17 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर्व के साथ समाप्त होगा। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, गणेश चतुर्थी की तिथि को, चाहे वह दिन हो, शाम हो या रात, चंद्रमा को नहीं देखा जाता है। आइए जानते है, विनायक चतुर्थी को चौथ का चांद क्यों नहीं देखते हैं और यदि गलती से दिख जाए तो क्या उपाय करने चाहिए?

गणेश चतुर्थी 2024 पर चंद्र दर्शन का वर्जित समय

इस साल  गणेश चतुर्थी के दिन और इस पर्व से एक दिन पहले से ही चंद्र दर्शन वर्जित हो जाएगा, क्योंकि चतुर्थी तिथि 6 सितंबर की दोपहर 3:01 PM बजे शुरू होगी और इसका समापन 7 सितंबर की शाम 05:37 PM बजे पर होगा।

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  • 6 सितंबर को चंद्र दर्शन वर्जित समय: दोपहर 03:07 से रात्रि 08:16 तक
  • 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन वर्जित समय: सुबह 09:30 से रात्रि 08:40 तक

गणेश चतुर्थी पर क्यों नहीं देखते हैं चांद?

धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक गणेश चतुर्थी के रोज चांद को देखने व्यक्ति झूठे आरोप में फंस जाता है, उसके व्यक्तित्व और छवि पर कलंक लग जाता है। इसलिए इस दिन को ‘कलंक चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। इससे जुड़ी एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्री गणेश अपने वाहन मूषकराज पर सवार होकर घूमने निकले। घूमने के दौरान एक जगह मूषकराज किसी चीज से टकराए, तो संतुलन बिगड़ने से भगवान श्री गणेश गिर पड़े। इस घटना को चंद्रमा ने देख लिया और वे भगवान श्री गणेश पर हंसने लगे। तब भगवान श्री गणेश ने चंद्रमा को यह श्राप दिया कि जो भी भाद्रपद शुक्ल की चतुर्थी पर चन्द्रमा को देखेगा, उस पर झूठे आरोप और कलंक लगेंगे। कहते हैं, भगवान श्रीकृष्ण ने भी गलती से गणेश चौथ का चांद देख लिया था, तो उन पर स्यमंतक मणि चुराने का आरोप लग गया था।

गलती से दिख जाए चौथ का चांद तो करें ये उपाय

1. धार्मिक मान्यता है कोई भी कार्य ईश्वर की मर्जी के बिना नहीं होता है। गणेश चतुर्थी के रोज गलती से चांद दिखने के पीछे भी गणेशजी की ही कोई लीला होगी। इस लीला को सही भी वही करेंगे। इसलिए यदि ऐसी गलती हो जाए तो गणेश जी का व्रत रखें।

2. हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार दान-पुण्य करें, जरूरतमंदों और गरीबों की मदद करें। इससे गणेश जी प्रसन्न होंगे और आप पर मिथ्या कलंक नहीं लगेगा।

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3. गणेश चतुर्थी के रोज गलती से चांद दिख जाए तो ‘सिंह: प्रसेनमवधीत्सिंहो जाम्बवता हत:। सुकुमारक मारोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकर:॥’ मंत्र का जाप करें। मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से चंद्रदर्शन का दोष समाप्त हो जाता है।

4. जाम्बवंत, भगवान श्रीकृष्ण और स्यमंतक मणि की कथा सुनें या इसका पाठ करें।

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5. गणेश चतुर्थी के रोज गलती से चांद दिखने पर उसी समय यानी तत्काल किसी फल, जैसे केला, अनार, नाशपाती, सेब आदि गणेश जी की पूजा करें। 5 प्रकार के फल से पूजा करना और भी प्रभावशाली उपाय माना गया है।

6. गलती से चांद दिखने पर गणेश की पूजा के बाद, चंद्रमा को दिखाते हुए किसी गरीब या ज़रूरतमंद व्यक्ति को फल और द्रव्य (सोना-चांदी) का दान करें।

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7. एक बार गलती से चौथ का चांद दिखने से हर माह की द्वितीया तिथि के दिन चांद देखने व्यक्ति पर झूठे आरोप नहीं लगते हैं।

8. गणेश चतुर्थी के रोज गलती से चांद दिखने पर 27 बुधवार गणेश मंदिर जाएं और उनकी पूजा-अर्चना करें।

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9. चांद दिख जानें पर उसी रोज गणेश चतुर्थी पूजन करें और भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठ चढ़ाएं। इसे सर्वोत्तम उपाय माना गया है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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