Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में इन 3 उपायों से बरसेगी मां दुर्गा की कृपा, शादी से लेकर संतान तक का मिलेगा सुख!

साल 2025 में 30 मार्च से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका उत्सव 6 अप्रैल तक चलेगा। चलिए आचार्य डॉ. ज्योति वर्धन साहनी से जानते हैं नवरात्रि में करने वाले अचूक उपायों के बारे में।

Chaitra Navratri 2025

इस चैत्र नवरात्रि हर इच्छा होगी पूरी!

सनातन धर्म के लोगों के लिए चैत्र नवरात्रि का खास महत्व है। चैत्र नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है, जिस दौरान मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा होती है। साथ ही व्रत रखना शुभ माना जाता है। बीते दिनों 30 मार्च 2025 से चैत्र नवरात्रि का आरंभ हो गया है, जिसका उत्सव लगातार 8 दिनों तक चलेगा। दरअसल, इस साल चैत्र नवरात्रि में द्वितीया और तृतीया तिथि एक ही दिन आज यानी 31 मार्च 2025 को पड़ रही है। इसलिए नवरात्रि का समापन 7 अप्रैल की जगह 6 अप्रैल 2025 को होगा।

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मां दुर्गा को आदि शक्ति माना जाता है, जिनकी पूजा करने से साधक को विशेष फल की प्राप्ति होती है। पूजा-पाठ के अलावा नवरात्रि में कुछ विशेष उपाय करने से भी साधक को देवी से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। चलिए आचार्य डॉ. ज्योति वर्धन साहनी से जानते हैं चैत्र नवरात्रि में गृह क्लेश से छुटकारा पाने, शादी में आ रही अड़चन को दूर करने और संतान प्राप्ति से जुड़े अचूक उपायों के बारे में।

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गृह क्लेश से छुटकारा दिलाएगा ये उपाय

यदि आपके घर में हर समय क्लेश का वातावरण रहता है, तो कपूर में घी डालकर मिश्रण बनाएं। फिर इस मिश्रण से नवरात्रि के दौरान घर में सुबह-शाम ज्योत जलाएं। पूजा खत्म होने के बाद ज्योत को घर के कोने-कोने में घुमाएं। इससे आपके घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी और परिवार में सुख और शांति का वास होगा।

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शादी में आ रही अड़चन को दूर करेगा ये उपाय

जिन लोगों की शादी होने में देरी हो रही है, वो 36 साबुत लौंग, 6 कपूर की टिक्की, हल्दी पाउडर और चावल को हवन सामग्री में मिला लें। इन चीजों को हवन सामग्री में मिलाने के बाद घर में ही इसी सामग्री से मां दुर्गा के नाम से हवन करें। जिनका विवाह नहीं हो रहा है, वो हवन में 108 आहुति मां दुर्गा को रोज अर्पित करें। जो लोग नवरात्रि में सच्चे मन से ये उपाय करेंगे, उनका विवाह जल्द हो सकता है।

संतान प्राप्ति के लिए करें ये उपाय

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्म कुंडली का पंचम भाव यानी पांचवां भाव संतान का होता है। मां दुर्गा का पांचवां स्वरूप देवी स्कंदमाता को माना जाता है, जो भगवान कार्तिकेय की मां हैं। देवी स्कंदमाता की पूजा करने से साधक को संतान सुख मिलता है। यदि किसी कारण आपको संतान की प्राप्ति नहीं हो रही है, तो चैत्र नवरात्रि के 5वें दिन देवी स्कंदमाता की पूजा करें।

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पूजा से पहले अपने घर के मंदिर में एक चौकी रखें। चौकी के ऊपर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं। उसके ऊपर देवी स्कंदमाता की मूर्ति की स्थापना करें। विधिपूर्वक मां की पूजा करें। देवी स्कंदमाता की कथा पढ़ें और उन्हें पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। इस दौरान मां से संतान सुख के लिए प्रार्थना करें। यदि आप नवरात्रि के 5वें दिन ये उपाय करते हैं, तो इससे आपको देवी स्कंदमाता के आशीर्वाद से संतान की प्राप्ति हो सकती है।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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