Body Hair Removal: महिला हो या पुरुष, बॉडी हेयर यानी शरीर के बाल हटाना पूरी तरह से व्यक्तिगत पसंद, स्वछंद और स्वच्छता का सब्जेक्ट है। लेकिन क्या आप जानते हैं, ज्योतिष और समुद्र शास्त्र में में बॉडी हेयर और उसे हटाने के लेकर कई नियम और मान्यताएं हैं। आइए जानते हैं, मर्दों को शेविंग-ट्रिमिंग यानी शरीर के बाल निकालने को लेकर धार्मिक नियम क्या कहते हैं?

पुरुषों के सीने पर बाल

सामुद्रिक शास्त्र में पुरुषों के सीने पर बाल को शुभ बताया गया है। ऐसे मनुष्य साहसी और भाग्यवान होते हैं। प्रायः ऐसे मर्दों को जीवन में उनकी अभिलाषाएं पूरी हो जाती हैं। ऐशो-आराम, धन-वैभव उनकी मेहनत से जल्द ही मिल जाता है। इसलिए सीने के बाल को प्राकृतिक रूप से रहने देना शुभ माना गया है। इनकी शेविंग या ट्रिमिंग भाग्य पर असर डाल सकती है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Astrology Personality Traits: ‘बोली’ से पहचानें कुंडली का सबसे मजबूत ग्रह, ज्योतिष में छिपा है आपकी आवाज का राज

---विज्ञापन---

शरीर की आभा और ऊर्जा

हर शरीर की अपनी एक आभा और ऊर्जा होती है। इसमें बालों की भूमिका अहम है, जिससे लिए शुक्र और राहु को संबंधित माना गया है। सामुद्रिक शास्त्र की मान्यता है कि जरूरत से अधिक शरीर के बाल नेगेटिव एनर्जी को सोख सकते हैं। इसलिए ग्रहों की अनुकूलता और स्वच्छता के लिए ट्रिमिंग और शेविंग करनी चाहिए। इसमें सिर, दाढ़ी, प्राइवेट पार्ट और बगल के बाल अहम हैं।

---विज्ञापन---

हाथ-पांव के बाल

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, हाथ और पांव के बाल भाग्य, स्वभाव और भविष्य का आईना भी हैं। पैर की उंगलियों और अंगूठे के बाल नहीं काटने चाहिए। पैर की पिंडलियों पर सामान्य और मुलायम बाल अच्छे माने गए हैं। जब तक स्वास्थ्य और स्वच्छता की जरूरत और बाध्यता न हो, इन्हें नहीं काटना चाहिए। इससे शनि की ऊर्जा पर असर होता है।

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: Smart Gadget vs Diary: इन 4 राशियों को स्मार्ट गैजेट से ज्यादा ‘पुरानी डायरियां’ हैं पसंद, इनमें कहीं आप भी तो नहीं

---विज्ञापन---

शेविंग-ट्रिमिंग के नियम

  • प्रचलित मान्यता और शास्त्रों के अनुसार, सोमवार, बुधवार और शुक्रवार बाल कटवाने या शेविंग के लिए अच्छा माना जाता है।
  • हिन्दू धर्म में मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को बाल और दाढ़ी कटवाना निषिद्ध माना जाता है।
  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद बाल और नाख़ून काटना मना है।

यह भी पढ़ें: Rudraksh Bracelet Benefits: क्यों ट्रेंड में है रुद्राक्ष ब्रेसलेट, क्या सच में ‘एंग्जायटी’ होती है दूर, जानें

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।