Bedroom Vastu Secrets: सुबह उठते ही शरीर भारी लगे, मन सुस्त रहे और आंख खुलने के बाद भी ताजगी न आए, तो यह संकेत सामान्य थकान से आगे का हो सकता है। कई लोग समय पर सोते है, पूरी नींद लेते है, फिर भी ऊर्जा की कमी महसूस करते है। ऐसे में कारण केवल दिनचर्या या स्क्रीन टाइम नहीं, बल्कि बेडरूम का बिगड़ा वास्तु भी हो सकता है। वास्तु शास्त्र मानता है कि सोने की दिशा, कमरे की बनावट और आसपास रखा सामान हमारी शारीरिक व मानसिक ऊर्जा को गहराई से प्रभावित करता है। यही कारण है कि सही बदलाव करने से नींद की गुणवत्ता और सुबह की ताजगी दोनो बेहतर हो सकती है। आइए जानते हैं, कैसा होना चाहिए बेडरूम का वास्तु?
सोने की सही दिशा
वास्तु के अनुसार सिर की दिशा नींद पर सीधा असर डालती है। उत्तर दिशा की ओर सिर रख कर सोना शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे नींद बार-बार टूटती है और मन बेचैन रहता है। दक्षिण दिशा की ओर सिर रख कर सोने से शरीर को स्थिरता मिलती है। यह स्थिति गहरी नींद और बेहतर रिकवरी में सहायक मानी जाती है।
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बेडरूम की सही लोकेशन
घर का हर कोना अलग ऊर्जा रखता है। उत्तर पूर्व कोना जल तत्व से जुड़ा होता है। यहां बेडरूम होने पर मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है। दक्षिण पश्चिम दिशा को बेडरूम के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। यह हिस्सा स्थिरता, सुरक्षा और आराम की भावना देता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है।
छत का बीम और दबाव
बेड का छत के बीम के ठीक नीचे होना एक सामान्य समस्या है। वास्तु के अनुसार यह मानसिक दबाव बढ़ाता है। व्यक्ति पूरी रात तनाव की स्थिति में रहता है। इसका असर सुबह थकान और भारीपन के रूप में दिखता है। संभव हो तो बेड को बीम से हटाना लाभदायक माना जाता है।
आईना और बिखरा सामान
बेड के सामने लगा आईना रात के समय ऊर्जा को उलझा सकता है। इससे नींद में डर या बेचैनी बढ़ती है। आईना हटाना संभव न हो तो रात में ढकना बेहतर विकल्प माना जाता है। इसी तरह बेड के नीचे रखा सामान ऊर्जा प्रवाह रोकता है। खाली और साफ जगह बेहतर मानी जाती है।
रोशनी, रंग और हवा
बहुत तेज रोशनी या गहरे रंग वाला बेडरूम दिमाग को शांत नही होने देता। हल्के रंग, धीमी रोशनी और ताजी हवा नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक माने जाते है। खिड़की से आने वाली प्राकृतिक हवा प्राण ऊर्जा को सक्रिय करती है और सुबह शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद करती है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
Bedroom Vastu Secrets: सुबह उठते ही शरीर भारी लगे, मन सुस्त रहे और आंख खुलने के बाद भी ताजगी न आए, तो यह संकेत सामान्य थकान से आगे का हो सकता है। कई लोग समय पर सोते है, पूरी नींद लेते है, फिर भी ऊर्जा की कमी महसूस करते है। ऐसे में कारण केवल दिनचर्या या स्क्रीन टाइम नहीं, बल्कि बेडरूम का बिगड़ा वास्तु भी हो सकता है। वास्तु शास्त्र मानता है कि सोने की दिशा, कमरे की बनावट और आसपास रखा सामान हमारी शारीरिक व मानसिक ऊर्जा को गहराई से प्रभावित करता है। यही कारण है कि सही बदलाव करने से नींद की गुणवत्ता और सुबह की ताजगी दोनो बेहतर हो सकती है। आइए जानते हैं, कैसा होना चाहिए बेडरूम का वास्तु?
सोने की सही दिशा
वास्तु के अनुसार सिर की दिशा नींद पर सीधा असर डालती है। उत्तर दिशा की ओर सिर रख कर सोना शरीर के प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ सकता है। इससे नींद बार-बार टूटती है और मन बेचैन रहता है। दक्षिण दिशा की ओर सिर रख कर सोने से शरीर को स्थिरता मिलती है। यह स्थिति गहरी नींद और बेहतर रिकवरी में सहायक मानी जाती है।
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बेडरूम की सही लोकेशन
घर का हर कोना अलग ऊर्जा रखता है। उत्तर पूर्व कोना जल तत्व से जुड़ा होता है। यहां बेडरूम होने पर मानसिक अस्थिरता बढ़ सकती है। दक्षिण पश्चिम दिशा को बेडरूम के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। यह हिस्सा स्थिरता, सुरक्षा और आराम की भावना देता है, जो अच्छी नींद के लिए जरूरी है।
छत का बीम और दबाव
बेड का छत के बीम के ठीक नीचे होना एक सामान्य समस्या है। वास्तु के अनुसार यह मानसिक दबाव बढ़ाता है। व्यक्ति पूरी रात तनाव की स्थिति में रहता है। इसका असर सुबह थकान और भारीपन के रूप में दिखता है। संभव हो तो बेड को बीम से हटाना लाभदायक माना जाता है।
आईना और बिखरा सामान
बेड के सामने लगा आईना रात के समय ऊर्जा को उलझा सकता है। इससे नींद में डर या बेचैनी बढ़ती है। आईना हटाना संभव न हो तो रात में ढकना बेहतर विकल्प माना जाता है। इसी तरह बेड के नीचे रखा सामान ऊर्जा प्रवाह रोकता है। खाली और साफ जगह बेहतर मानी जाती है।
रोशनी, रंग और हवा
बहुत तेज रोशनी या गहरे रंग वाला बेडरूम दिमाग को शांत नही होने देता। हल्के रंग, धीमी रोशनी और ताजी हवा नींद की गुणवत्ता सुधारने में सहायक माने जाते है। खिड़की से आने वाली प्राकृतिक हवा प्राण ऊर्जा को सक्रिय करती है और सुबह शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद करती है।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.