Dahi Cheeni Upay: कोई यात्रा हो या कोई परीक्षा या जॉब की इंटरव्यू या कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई या ऐसे ही अनेक शुभ कार्य के लिए घर से बाहर निकलने से पहले एक सबसे कॉमन हिन्दू रिवाज है, दही-चीनी खिला कर विदा करना। यह रिवाज कब से चलन में यह बता पाना मुश्किल है, लेकिन यह एक अक्षुण्ण परंपरा है। आइए जानते हैं, दही और चीनी खा कर घर से निकलना शुभ क्यों माना जाता है?
इस ग्रह के प्रतिनिधि हैं दही-चीनी
वैदिक ज्योतिष में दही का संबंध चंद्रमा से और चीनी को शुक्र से संबंधित माना जाता है। जहां चंद्रमा मन और भावनाओं का नियंत्रक है, तो वहीं शुक्र सौभाग्य, सुख और प्रेम के कारक ग्रह हैं। मान्यता है कि शांत मन से किया गया काम सफल होता है। दही खाने से चंद्रमा के सकारात्मक प्रभाव से काम के पूरा होने में मन सक्रिय होकर काम करता है। वहीं, चीनी शुक्र के सकारात्मक प्रभावों से जुड़ा है, जो सौभाग्य में वृद्धि करता है और बाधाओं को दूर रखता है।
ज्योतिष शास्त्र की यह प्राचीन मान्यता आज एक लौकिक और बहुत प्रचलित रिवाज बन चुका है। भले ही लोग इसके ज्योतिषीय कारण को नहीं जानते हैं, पर वे मानते हैं कि घर से निकलने से पहले दही-चीनी खाने से सोच में सकारात्मकता और काम में शुभता आती है।
दही चीनी खाने का धार्मिक महत्व
हिन्दू धर्म में विघ्नहर्ता श्री गणेश और धन की देवी मां लक्ष्मी को भोग के रूप में दही और चीनी अर्पित करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के कारण शुभ काम के लिए घर से निकलने से पहले दही-चीनी ग्रहण करने से इन दोनों गणेशजी और लक्ष्मीजी की कृपा प्राप्त होती है। परिणामस्वरूप काम बन जाते हैं।
साइंस भी करता है इसकी पुष्टि
इसमें कोई दोराय नहीं है कि दही-चीनी का खट्टा-मीठा स्वाद मन को खुश कर देता है और आत्मविश्वास को भी बढ़ा देता है। इसकी पुष्टि साइंस यानी विज्ञान भी करता है कि दही-चीनी एनर्जी के इंस्टैंट सोर्स हैं, जो मस्तिष्क और मनोभाव तुरंत सक्रिय और अलर्ट बनाने में सक्षम हैं। इससे काम में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।