हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

Ashadha Navratri 2026: आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि शुरू, जानिए क्यों होती है दस महाविद्याओं की साधना और हर देवी का महत्व

Ashadha Navratri 2026: आज 15 जुलाई से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो रही है, जिसमें दस महाविद्याओं की साधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। जानिए गुप्त नवरात्रि का महत्व, शुभ मुहूर्त और देवी आराधना का रहस्य।

विज्ञापन

Ashadha Navratri 2026: आज 15 जुलाई, 2026 को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की शुरु हो रही है। हिन्दू वर्ष की यह दूसरी नवरात्रि है। चैत्र मास की नवरात्रि साल की पहली नवरात्रि होती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल प्रतिपदा तिथि 14 जुलाई को दोपहर 03:12 बजे से शुरू होकर 15 जुलाई को सुबह 11:50 बजे तक रहेगी। हर नवरात्रि की तरह इसके अनुष्ठान भी घट-स्थापना से आरंभ होती है। सनातन पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की घट-स्थापना की महत्वपूर्ण तिथियां और मुहूर्त इस प्रकार हैं।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026: महत्वपूर्ण तिथियां

15 जुलाई, 2026 को गुप्त नवरात्रि का पहला दिन रहेगा। इसी दिन घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाएगी। शुभ मुहूर्त सुबह 5:33 बजे से 10:09 बजे तक रहेगा। यानी करीब 4 घंटे 36 मिनट का शुभ समय मिलेगा।
16 जुलाई, 2026 को दूसरा दिन होगा। इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के साथ मां तारा की साधना का विशेष महत्व रहेगा।
17 जुलाई, 2026, शुक्रवार को तृतीया और चतुर्थी एक साथ पड़ रही हैं। इस दिन मां चंद्रघंटा और मां कुष्मांडा की पूजा होगी। साथ ही मां त्रिपुर सुंदरी और मां भुवनेश्वरी की साधना भी की जाएगी।
18 जुलाई, 2026 को पंचमी तिथि रहेगी। इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा और मां छिन्नमस्ता की साधना की जाती है।
19 जुलाई, 2026 को षष्ठी तिथि होगी। इस दिन मां कात्यायनी की आराधना के साथ मां त्रिपुर भैरवी की साधना का विधान है।
20 जुलाई, 2026 को सप्तमी रहेगी। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा और मां धूमावती की साधना की जाएगी।
21 जुलाई, 2026 को दुर्गा अष्टमी होगी। इस दिन मां महागौरी की पूजा के साथ मां बगलामुखी की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।
22 जुलाई, 2026 को महानवमी रहेगी। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा, हवन और कन्या पूजन किया जाएगा।
23 जुलाई, 2026 को दशमी के दिन व्रत का पारण करके गुप्त नवरात्रि का समापन होगा।

यह भी पढ़ें: Swapna Shastra: सपने में खुद को मरते हुए देखने का क्या मतलब है, जानें स्वप्न शास्त्र का रहस्य

विज्ञापन

क्या है गुप्त नवरात्रि?

ज्यादातर लोग चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में जानते हैं। लेकिन गुप्त नवरात्रि थोड़ी अलग होती है। इसमें मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा तो होती ही है, साथ ही दस महाविद्याओं की साधना का भी खास महत्व माना जाता है। यह समय तंत्र-मंत्र, गुप्त मंत्रों के जाप और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद खास माना जाता है। ‘गुप्त’ शब्द का मतलब ही है कि साधना को दिखावे से दूर और पूरी श्रद्धा के साथ किया जाए।

कौन हैं दस महाविद्याएं?

मां काली: पहली महाविद्या मां काली है, जो शक्ति का सबसे प्रचंड हैं। वे समय, परिवर्तन और अहंकार के अंत की देवी हैं।
मां तारा: मां तारा को ‘तारिणी’ भी कहा जाता है। ये संकट से बाहर निकालने वाली देवी मानी जाती हैं।
मां त्रिपुर सुंदरी: मां त्रिपुर सुंदरी को ‘राजराजेश्वरी’ के नाम से भी जाना जाता है। वे सौंदर्य, प्रेम, ऐश्वर्य और जीवन के संतुलन की देवी हैं।
मां भुवनेश्वरी: मां भुवनेश्वरी पूरे ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री हैं। इनकी पूजा से घर-परिवार में सुख, शांति और स्थिरता आती है।
मां त्रिपुर भैरवी: मां त्रिपुर भैरवी साहस, अनुशासन और अंदर की शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी साधना कठिन परिस्थितियों में जीत दिलाती है।
मां छिन्नमस्ता: मां छिन्नमस्ता त्याग और आत्मनियंत्रण की देवी हैं। इनका स्वरूप सिखाता है कि अहंकार छोड़कर आगे बढ़ना ही असली शक्ति है।
मां धूमावती: मां धूमावती जीवन के विकट से विकट अनुभवों से मिलने वाले ज्ञान का प्रतीक हैं। इनकी साधना धैर्य और वैराग्य की प्राप्ति होती है।
मां बगलामुखी: मां बगलामुखी को शत्रु बाधा दूर करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा से विरोधियों पर विजय प्राप्त होती है।
मां मातंगी: मां मातंगी वाणी, ज्ञान, कला और संगीत की देवी हैं। क्रिएटिव फील्ड में एक्सपर्टीज के लिए इनकी साधन फलदायी है।
मां कमला: मां कमला को तांत्रिक लक्ष्मी भी कहते हैं। वे धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि की देवी हैं, जो आर्थिक स्थिरता और खुशहाली देती हैं।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: Bedroom Vastu Tips: कपल की लव लाइफ हमेशा रहती है खुशहाल, बेडरूम के ये 6 वास्तु उपाय बढ़ाते हैं प्यार

क्यों होती है दस महाविद्या की साधना?

दस महाविद्याओं को मुख्य रूप से दो भागों में रखा गया है। पहला- ‘काली कुल’, जो शक्ति, तप और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा है। दूसरा- ‘श्री कुल’, जो सुख, समृद्धि और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है।

विज्ञापन

गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक, साधक और अघोरी विशेष साधना करते हैं। हालांकि आम श्रद्धालु भी अपनी परेशानियां दूर करने, मानसिक शांति पाने और देवी कृपा के लिए इनकी पूजा कर सकते हैं। मान्यता है कि इस समय की गई साधना का फल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मिलता है।

इन बातों का रखें ध्यान

आपको बता दें कि आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के इस समय सकारात्मक सोच बनाए रखना जरूरी है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से देवी की कृपा जल्दी प्राप्त होती है और जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं। पूरी नवरात्रि के दौरान इन बातों का ध्यान अवश्य रखें:

विज्ञापन
  • गुप्त नवरात्रि के इन 9 दिनों में सात्विक भोजन करें।
  • मन और व्यवहार दोनों में संयम रखें।
  • पूजा-पाठ पूरी श्रद्धा से करें।
  • साधना को दिखावे का माध्यम न बनाएं।
  • अगर कोई मंत्र जाप कर रहे हैं, तो नियमों का पालन करें।

यह भी पढ़ें: Vrat Fasting Rules: व्रत खोलते समय न करें ये गलती, जानें सबसे पहले क्या खाएं, क्या पिएं, क्या न करें

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola