दुनिया में कई ऐसे देश भी हैं जिनका क्षेत्रफल और वहां की आबाद कम हैं, लेकिन इसके बावजूद इन देशों का पूरी दुनिया की वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और व्यापार पर बड़ा असर पड़ता है. इनमें कई देश शामिल हैं जैसे कतर, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, इजरायल और UAE. लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि इन छोटे-छोटे देशों की ताकत के पीछे का राज क्या है? तो चलिए आज इसी पर चर्चा करते हैं.
कतर

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कतर पूरी दुनिया में ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा खिलाड़ी है. यहां की आबादी करीब 31 लाख है और यहां का क्षेत्रफल 11,581 वर्ग किमी ह. इसके पास दुनिया के तीसरे सबसे बड़े प्राकृतिक गैस भंडार हैं. यह LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का प्रमुख निर्यातक है. कतर की अर्थव्यवस्था में तेल और गैस का बड़ा योगदान है. IMF के मुताबिक, 2025 में इसकी प्रति व्यक्ति आय 1.21 लाख डॉलर से ज्यादा है. कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी के पास करीब 450 अरब डॉलर की संपत्ति है. कतर ने कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर अपनी कूटनीतिक ताकत भी दिखाई है. इनमें अमेरिका-ईरान, इजराइल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध शामिल हैं.
सिंगापुर

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सिंगापुर दुनिया के सबसे बड़े व्यापार और वित्तीय केंद्रों में शामिल है. यहां का क्षेत्रफल सिर्फ 735 वर्ग किमी और आबादी 56 लाख है. यह एशिया में निवेश, बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख हब माना जाता है. 2025 में इसकी GDP करीब 659 अरब डॉलर है. प्रति व्यक्ति आय 1.07 लाख डॉलर से ज्यादा है, जो दुनिया में सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है. 1965 में आजादी के समय यहां प्रति व्यक्ति आय 500 डॉलर से भी कम थी. सिंगापुर का बंदरगाह दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है. 2024 में यहां 4.11 करोड़ से ज्यादा कंटेनर संभाले गए.
स्विट्जरलैंड

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स्विट्जरलैंड दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. यहां की आबादी करीब 88 लाख है. 2024 में इसकी GDP 905 अरब डॉलर रही. यहां की फार्मा कंपनियां Roche और Novartis दुनिया भर में मशहूर हैं. स्विट्जरलैंड दुनिया के करीब 70% सोने की प्रोसेसिंग करता है. यह देश सालाना 25 बिलियन डॉलर की घड़ियां निर्यात करता है. वर्ल्ड इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में स्विट्जरलैंड 2024 में 14वीं बार टॉप पर रहा. इसकी तटस्थ विदेश नीति ने इसे कूटनीति का महत्वपूर्ण केंद्र बना दिया है. फिलहाल यह देश अमेरिका-ईरान शांतिवार्ता की मेजबानी कर रहा है.
UAE

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UAE की आबादी करीब 1 करोड़ है. वहीं, यूएई अब सिर्फ तेल पर निर्भर नहीं है. इसकी GDP का 70% से ज्यादा हिस्सा गैर-तेल क्षेत्रों से आता है. दुबई का जेबेल अली बंदरगाह मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा बंदरगाह है. 2024 में यहां 1.55 करोड़ कंटेनर संभाले गए. अबू धाबी के सरकारी निवेश फंड करीब 1.7 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति संभालते हैं, जो नीदरलैंड्स और स्विट्जरलैंड की कुल इकोनॉमी से भी बड़ी है.
नीदरलैंड्स

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नीदरलैंड्स यूरोप के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्रों में शामिल है. रॉटरडैम बंदरगाह यूरोप का सबसे बड़ा बंदरगाह माना जाता है. Shell, Philips और ASML जैसी ग्लोबल कंपनियां यहीं की हैं. ASML दुनिया की इकलौती कंपनी है जो अत्याधुनिक चिप बनाने वाली मशीनें बनाती है.
इजराइल

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इजरायल की आबादी करीब 93 लाख है. इजरायल तकनीकी क्षेत्र में बड़ी ताकत माना जाता है. इसकी GDP का करीब 20% हिस्सा टेक सेक्टर से आता है. देश अपने GDP का 6% से ज्यादा का हिस्सा डेवलपमेंट और रिसर्च के कामों में लगाता है. 2024 में यहां की स्टार्टअप कंपनियों ने 9.4 अरब डॉलर का निवेश जुटाया था. रक्षा तकनीक और साइबर सुरक्षा में भी इजराइल दुनिया के टॉप देशों में है. 2024 में रक्षा निर्यात 14.8 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंचा.