
1 / 7
केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही के लिए अलग-अलग छोटी सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए घोषित दरों के मुताबिक ही रहेंगी." बता दें कि स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दर में आखिरी बदलाव फाइनेंशियल ईयर 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में हुआ था.
सुकन्या समृद्धि योजना

2 / 7
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत जमा पर ब्याज दर 8.2 प्रतिशत है. 10 साल से कम उम्र की बेटी के माता-पिता यह अकाउंट खोल सकते हैं; इसमें हर फाइनेंशियल ईयर में कम से कम 250 रुपये से ज़्यादा से ज़्यादा 1,50,000 रुपये जमा किए जा सकते हैं. तीन साल के टर्म डिपॉजिट पर ब्याज दर मौजूदा तिमाही के लिए 7.1 प्रतिशत पर बनी रही.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड

3 / 7
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है. इस स्कीम में निवेशक सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न के कारण यह स्कीम काफी लोकप्रिय मानी जाती है. इस स्कीम में किए गए कंट्रीब्यूशन या डिपॉजिट पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत टैक्स बेनिफिट मिलते हैं.
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स

4 / 7
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज दर 4 परसेंट पर बनी हुई है. यह अकाउंट केवल 500 रुपये से खोला जा सकता है और इसमें ज़्यादा से ज़्यादा इन्वेस्टमेंट की कोई लिमिट नहीं है. इस अकाउंट से मिलने वाला 10,000 रुपये तक का इंटरेस्ट इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80TTA के तहत टैक्स में छूट के लायक माना जाता है. यह स्कीम छोटे निवेशकों के लिए उपयुक्त है.
किसान विकास पत्र

5 / 7
किसान विकास पत्र (Kisan Bikash Patra) पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर लागू है. इस स्कीम में निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है और इसकी मैच्योरिटी की अवधि 115 महीने तय की गई है. यह योजना निवेश को सुरक्षित तरीके से दोगुना करने के लिए जानी जाती है, इसलिए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इसकी अच्छी मांग है.
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट

6 / 7
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर ब्याज दर 7.7 प्रतिशत बनी हुई है. इसमें भी निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है. इस स्कीम में किया गया इन्वेस्टमेंट इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80-C के तहत टैक्स में छूट के लिए एलिजिबल माना जाता है. इसमें निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है और इसमें जमा किया गया पैसा टैक्स-डिडक्टिबल माना जाता है.
मंथली इनकम स्कीम

7 / 7
मंथली इनकम स्कीम (mothly income scheme) की ब्याज दर 7.4 प्रतिशत पर बनी हुई है. इस योजना में सिंगल अकाउंट के लिए अधिकतम 9 लाख रुपये और जॉइंट अकाउंट के लिए 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है. इसमें हर महीने निश्चित आय मिलती है, जिससे यह नियमित इनकम चाहने वाले निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प बनती है.