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देशभर में हर तरफ गैस-सिलेंडर की चर्चा हो रही हैं. एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी का इस्तेमाल घरेलू रसोई समेत वाहनों के लिए किया जाता है. खाना बनाने के लिए एलपीजी और पीएनजी गैस इस्तेमाल में ली जाती है. ज्यादातर वाहनों को चलाने के लिए सीएनजी का इस्तेमाल किया जाता है. तीनों के सोर्स और सप्लाई के तरीके भी अलग-अलग हैं. अक्सर लोग इन तीनों को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन विज्ञान और उपयोग के नजरिए से इनमें जमीन-आसमान का अंतर है.
LPG घरेलू गैस

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यह प्रोपेन और ब्यूटेन गैसों का मिश्रण है. इसे भारी दबाव डालकर तरल अवस्था में सिलेंडरों में भरा जाता है. इसका मुख्य उपयोग घरों में खाना पकाने और कुछ वाहनों में ईंधन के रूप में होता है. यह हवा से भारी होती है, इसलिए लीकेज होने पर नीचे जमा हो जाती है, जो खतरनाक हो सकता है. इसमें गंध के लिए 'इथाइल मरकैप्टन' मिलाया जाता है ताकि रिसाव का पता चल सके.
PNG घरेलू गैस

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यह भी प्राकृतिक गैस (मीथेन) ही है, लेकिन इसे सिलेंडरों में भरने के बजाय सीधे पाइपलाइनों के जरिए आपके किचन तक पहुँचाया जाता है. शहरी इलाकों में अब LPG सिलेंडर की जगह PNG कनेक्शन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. यह सबसे सुरक्षित मानी जाती है क्योंकि इसमें कम दबाव होता है और यह इस्तेमाल करने में बेहद आसान है.
CNG वाहनों के लिए ईंधन

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यह मुख्य रूप से 'मीथेन' गैस है. इसे बहुत अधिक दबाव (200-250 bar) पर कंप्रेस करके गैसीय अवस्था में ही रखा जाता है. इसका उपयोग मुख्य रूप से कारों, बसों और ऑटो जैसे वाहनों में पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में होता है. यह पेट्रोल के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाती है और हवा से हल्की होती है, जिससे रिसाव होने पर यह जल्दी ऊपर उड़ जाती है और आग लगने का खतरा कम होता है.
एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी में क्या अंतर

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एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी ये तीनों हाइड्रोकार्बन हैं लेकिन एक दूसरे से अलग होती हैं. तीनों ही गैसें ईंधन के रूप में काम करती हैं लेकिन इस्तेमाल और सप्लाई तीनों का अलग-अलग है. एलपीजी की बात करें तो ये सिलेंडर में तरल रूप में होता है जबकि, पीएनजी एक प्राकृतिक गैस के रूप में होती है. खाना बनाने के लिए एलपीजी और पीएनजी गैस इस्तेमाल में ली जाती है.