8th Pay Commission latest update: 8वें वेतन आयोग की ओर से सरकार से दी जाने वाली सिफारिशें पर एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें टिकी हैं. केंद्रीय कर्मचारी संघों और संगठनों ने मुख्य रूप से आठवें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि और न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने की मांग की है.
फिटमेंट फैक्टर तय करेगा इंक्रीमेंट

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केंद्रीय कर्मचारी संघों की बैठकों में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा हो रही है. 2.86 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो लेवल-14 के कर्मचारियों का 20 महीने में अनुमानित एरियर करीब 53 लाख के पार पहुंचेगा. 2016 से प्रभावी 7वें वेतन आयोग के तहत 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. इसके तहत, एक कर्मचारी का मूल वेतन 15,000 रुपये से बढ़कर 38,550 रुपये हो गया था.
विधि में बदलाव कर सकता है आयोग

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आयोग की बैठकों में कुछ कर्मचारी संघों ने फिटमेंट फैक्टर को 3 से 5 या उससे भी अधिक तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. पेंशन विशेषज्ञों के अनुसार, आयोग न्यूनतम मजदूरी की गणना के लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधि में बदलाव कर सकता है. इसमें पारिवारिक उपभोग इकाइयों की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करना और 2.64 के फिटमेंट फैक्टर पर विचार करना शामिल हो सकता है. अब आयोग की 22-23 जून को लखनऊ में बैठक प्रस्तावित है, जो आने वाले महीनों में तस्वीर पूरी तरह साफ कर देगा.
बेसिक सैलरी में ऐसे आएगा उछाल

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मान लीजिए किसी कर्मचारी का मूल वेतन 100 रुपये है. 60% महंगाई भत्ता (डीए) शामिल करने पर उनकी कुल आय 160 रुपये हो जाती है. यदि नए फिटमेंट फैक्टर के अनुसार मूल वेतन दोगुना होकर 200 रुपये हो जाता है, तो उनके प्रभावी वेतन में वर्तमान 160 रुपये की तुलना में लगभग 25% की वृद्धि होगी.
मौजूदा वेतन में कितनी वृद्धि संभव?

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यदि सरकार मौजूदा फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.0 कर देती है तो शुरुआती स्तर के मूल वेतन में 15-20% से अधिक की वृद्धि हो सकती है. इस स्थिति में, 15,000 रुपये का मूल वेतन 45,000 रुपये हो जाएगा. अंतिम वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और सरकार की बाद की स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही सरकार कर्मचारी संघों की मांग से कम फिटमेंट फैक्टर निर्धारित करे, फिर भी सरकारी खर्च में काफी वृद्धि होगी और कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि देखने को मिलेगी.
आठवां वेतन आयोग कब लागू होगा?

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केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के लिए कार्यक्षेत्र (टीओआर) को मंजूरी दी और आयोग को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 18 महीने का समय दिया. हालांकि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होने वाला है और 7वें वेतन आयोग का स्थान लेगा, लेकिन आयोग को अपना काम पूरा करने में 18 महीने का समय लगने की उम्मीद है.