यूपी की तेजी से बढ़ रही आबादी और शहरों पर बढ़ते हुए दबाव के बीच योगी सरकार ने एक अहम फैसला लिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आगरा, बरेली और प्रयागराज में नए शहर विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार ने इन तीनों शहरों के सुनियोजित विकास के लिए करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है. सरकार का दावा है कि यह सिर्फ नए आवासीय क्षेत्रों का विस्तार नहीं होगा, बल्कि ऐसे आधुनिक शहर तैयार किए जाएंगे जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित होंगे. इसमें बेहतर सड़क नेटवर्क, आधुनिक आवासीय सुविधाएं, रोजगार के अवसर, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा.
किसानों के लिए अहम फैसला

2 / 8
इसके अलावा योगी कैबिनेट में किसानों के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए हैं. मिली जानकारी के अनुसार, मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. सरकार 5 जून से मक्का की खरीद शुरू करेगी और यह व्यवस्था 31 जुलाई तक जारी रहेगी. इस फैसले से मक्का उत्पादक किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है.
आगरा, बरेली और प्रयागराज क्यों चुने गए?

3 / 8
इन तीनों शहरों का अपना अलग महत्व है. आगरा विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान रखता है. ताजमहल के कारण यहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक पहुंचते हैं. दूसरी ओर बरेली पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्र बनकर उभर रहा है. वहीं प्रयागराज धार्मिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण शहर माना जाता है. महाकुंभ 2025 के बाद प्रयागराज के विकास की संभावनाएं और बढ़ गई हैं. सरकार का मानना है कि इन शहरों में आने वाले वर्षों में आबादी और आर्थिक गतिविधियों में तेज वृद्धि होगी. इसलिए अभी से योजनाबद्ध विस्तार आवश्यक है.
क्या है मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना

4 / 8
प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2023 में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को बेहतर आवासीय और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. योजना के तहत नए शहरों के विकास के लिए भूमि अर्जन पर होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध कराएगी. यह सहायता अधिकतम 20 वर्षों तक दी जा सकेगी. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि विकास प्राधिकरणों और अन्य एजेंसियों पर वित्तीय दबाव कम होगा और वे बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के निर्माण पर तेजी से काम कर सकेंगे.
सरकारी वकीलों के मानदेय में बड़ा इजाफा

5 / 8
कैबिनेट ने जिला न्यायालयों में कार्यरत सरकारी वकीलों के मानदेय और भत्तों में 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. इसके तहत रिटेनरशिप राशि और प्रति सुनवाई (हियरिंग) मिलने वाली फीस में भी उल्लेखनीय वृद्धि की जाएगी.
इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा

6 / 8
राज्य सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया है. कैबिनेट ने 18 शहरों में जीसीसी (GCC) मॉडल के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी है. इसके अलावा बड़े शहरों में वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है. सरकार का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है.
वाहन स्वामियों को मिली राहत

7 / 8
कैबिनेट बैठक में लाखों वाहन स्वामियों को राहत देने वाला एक अहम फैसला भी लिया गया. हालांकि इसके विस्तृत प्रावधानों की जानकारी बाद में जारी की जाएगी, लेकिन माना जा रहा है कि इस निर्णय से बड़ी संख्या में वाहन मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा.
कई विभागों के प्रस्तावों पर मुहर

8 / 8
कैबिनेट बैठक में खाद्य, कारागार, सिंचाई, आबकारी और परिवहन समेत विभिन्न विभागों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से किसानों, कर्मचारियों, आम नागरिकों और सार्वजनिक सेवाओं को लाभ मिलेगा तथा विकास कार्यों को गति मिलेगी.