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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में भीषण गर्मी ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं. जहां राजस्थान के चुरू और जैसलमेर जैसे शहर लंबे समय से देश की गर्मी के लिए मशहूर रहे, वहीं अब बांदा ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया है. 27 अप्रैल को 47.6 डिग्री और हाल ही में 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज कर बांदा देश का सबसे गर्म स्थान बन गया. दोपहर के बाद सड़कें सूनी और दुकानें बंद होने लगती हैं, क्योंकि गर्मी सहन करना बेहद मुश्किल हो गया है.
बांदा ने तोड़े तापमान के रिकॉर्ड

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बांदा में अप्रैल के महीने में 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस साल देश में सबसे ऊंचा है. यह तापमान 1951 के बाद बांदा का अब तक का सबसे अधिक है. बुंडेलखंड क्षेत्र का यह शहर अब भारत के सबसे भीषण गर्म इलाकों में शामिल हो गया है.
खनन और ब्लास्टिंग ने मचाई तबाही

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बांदा और पूरे बुंडेलखंड में पहाड़ों पर लगातार विस्फोट किए जा रहे हैं तथा केन नदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है. इन गतिविधियों को राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइडलाइंस के बावजूद रोका नहीं जा रहा है. इससे इलाके की प्राकृतिक संतुलन व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है.
धूल के बादल बढ़ा रही गर्मी

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खनन, ब्लास्टिंग और पत्थर क्रशिंग से निकलने वाली भारी मात्रा में धूल हवा में लंबे समय तक बनी रहती है. ये कण सूर्य की गर्मी को जमीन के पास ही फंसाए रखते हैं और रात में प्राकृतिक ठंडक नहीं होने देते. परिणामस्वरूप दिन-रात तापमान ऊंचा बना रहता है.
केन नदी की बदहाली

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केन नदी से औद्योगिक स्तर पर रेत निकालने के कारण नदी की जल-धारण क्षमता खत्म हो गई है. पहले 10-20 फीट गहरी नदी अब गर्मियों में सिर्फ 0.5 से 1.5 मीटर तक रह जाती है और कई जगह पूरी तरह सूख जाती है. पानी के अभाव में जमीन तेजी से गर्म हो रही है.
भूजल स्तर का भारी पतन

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नदी से रिचार्ज न होने और अत्यधिक दोहन के कारण बांदा के ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर 120 फीट नीचे चला गया है. सूखी मिट्टी और चट्टानें नमी वाली भूमि की तुलना में कहीं अधिक गर्मी सोखती और छोड़ती हैं. इससे पूरे इलाके का तापमान लगातार बढ़ रहा है.
जंगलों की कटाई ने बढ़ाई मुश्किल

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बांदा में हर साल औसतन 13.72 प्रतिशत वन क्षेत्र कम हो रहा है, जबकि घने जंगलों में 17.55 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. पेड़ छाया, नमी और हवा की गति को नियंत्रित करते थे, लेकिन अब उनकी कमी से गर्मी और बढ़ गई है. स्थानीय पारिस्थितिकी की यह तबाही ही बांदा को गर्मी का नया हॉटस्पॉट बना रही है.