ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी छात्रों के लिए बदले नियम, कई प्राइवेट कॉलेजों पर लगी रोक; भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर?

Australia Student Visa Rules: दुनिया भर के छात्र विदेशों में पढ़ाई के लिए जाते हैं और अब ये संख्या लगातार बढ़ रही है. अगर हम भारत की बात करें तो, भारत से भी हर साल हजारों छात्र ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए जाते हैं. लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है.

indian student in australia
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ऑस्ट्रेलिया सरकार ने लिया सख्त फैसला

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दरअसल, ऑस्ट्रेलिया सरकार ने अगले 12 महीनों के लिए नए प्राइवेट कॉलेजों और ट्रेनिंग संस्थानों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का फैसला किया है. जिसका मतलब है कि अब कोई नया प्राइवेट संस्थान विदेशी छात्रों को पढ़ाने की मंजूरी आसानी से नहीं ले पाएगा. वहीं, इस मामले को लेकर सरकार का भी बयान सामने आया है. उनका कहना है कि यह कदम छात्र वीजा सिस्टम को और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाना है.

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ऑस्ट्रेलिया सरकार ने क्यों लिया ये फैसला?

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ऑस्ट्रेलिया सरकार के अनुसार, कुछ समय से ऐसे प्राइवेट संस्थानों की संख्या लगातार बढ़ रही थी जो सिर्फ पैसे कमाने के लिए खोले गए थे. साथ ही इन संस्थानों में पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे थे. हाल ही में आई 'निक्सन रिव्यू' रिपोर्ट में छात्र वीजा सिस्टम और इंटरनेशनल सेक्टर में कई कमियां सामने आई थीं.

कई प्राइवेट कॉलेजों पर लगी रोक

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रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ जगहों पर नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा था. इसी के बाद सरकार ने फैसला लिया कि नए प्राइवेट कॉलेजों की मंजूरी पर फिलहाल रोक लगाई जाए ताकि सिस्टम की ठीक से जांच हो सके और खराब संस्थानों को रोका जा सके.

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किन संस्थानों पर पड़ेगा सरकार के फैसले का असर?

किन संस्थानों पर पड़ेगा सरकार के फैसले का असर?5 / 7

सरकार ने साफ किया है कि यह रोक सिर्फ नए प्राइवेट कॉलेजों और इंग्लिश लैंग्वेज ट्रैनिंग देने वाले संस्थानों पर ही लागू होगी. जो संस्थान पहले से सरकार से मंजूरी लेकर काम कर रहे हैं वे अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे. साथ ही वे नए कैंपस भी खोल सकते हैं या अपने कोर्स में बदलाव भी कर सकते हैं. वहीं सरकारी स्कूल, TAFE संस्थान और पब्लिक यूनिवर्सिटी इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे. ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों का कहना है कि उनका मकसद अच्छे और भरोसेमंद संस्थानों को बढ़ावा देना है ताकि छात्रों को सही शिक्षा और बेहतर माहौल मिल सके.

शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर करना है मकसद

शिक्षा की क्वालिटी को बेहतर करना है मकसद6 / 7

ऑस्ट्रेलिया के असिस्टेंट सिटिजनशिप मंत्री Julian Hill ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया आज भी असली और पढ़ाई करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करता है, लेकिन सिस्टम पर लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए सख्त नियम जरूरी हैं. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में कई नए प्राइवेट संस्थान तेजी से बाजार में आ रहे थे, जबकि कुछ सेक्टर में छात्रों की संख्या धीमी पड़ने लगी थी. सरकार को डर था कि कहीं ज्यादा संस्थान खुलने से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर न पड़े.

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भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर?

भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर? 7 / 7

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने यह भी साफ किया है कि पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए देश के दरवाजे बंद नहीं किए जा रहे हैं. सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ खराब और फर्जी संस्थानों को रोकने के मकसद से उठाया गया है. ऐसे में जो भी छात्र सही तरीके से पढ़ाई करने के लिए ऑस्ट्रेलिया आना चाहते हैं या फिर आ रहे हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. हालांकि अब छात्रों को कॉलेज चुनते समय ज्यादा सावधानी बरतनी होगी.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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