मेघालय के दावकी में बहने वाली उमंगोट नदी अपनी कांच जैसी पारदर्शी जलधारा के लिए दुनिया भर में मशहूर है. सर्दियों में इसका पानी इतना साफ हो जाता है कि नावें हवा में तैरती हुई दिखाई देती हैं. जानिए इस अनोखी नदी की खासियत और यहां मिलने वाले रोमांचक एडवेंचर अनुभवों के बारे में.
दुनिया की सबसे साफ नदियों में शामिल है उमंगोट नदी

2 / 7
मेघालय के दावकी कस्बे में मौजूद उमंगोट नदी अपनी असाधारण पारदर्शिता के लिए फेमस है. नदी का पानी इतना साफ दिखाई देता है कि इसके तल में मौजूद पत्थर और छोटी मछलियां भी आसानी से नजर आती हैं. यही वजह है कि इसे भारत की सबसे साफ नदियों में गिना जाता है. सर्दियों के मौसम में नदी का पानी बेहद पारदर्शी हो जाता है. जब नावें नदी पर चलती हैं तो पानी लगभग दिखाई नहीं देता और ऐसा लगता है जैसे नावें हवा में तैर रही हों.
प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग है दावकी

3 / 7
चारों तरफ हरे-भरे पहाड़, घने जंगल और शांत वातावरण दावकी को नेचर लवर्स के लिए स्वर्ग बनाते हैं. यहां आने वाले पर्यटक शहरों की भागदौड़ से दूर सुकून और नेचुरल ब्यूटी का आनंद लेते हैं.
कयाकिंग से बढ़ता है रोमांच

4 / 7
रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए कयाकिंग एक शानदार ऑप्शन है. शांत और साफ पानी में पैडल चलाते हुए आसपास के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया जा सकता है. नए पर्यटक भी इस एक्टिविटी का सुरक्षित तरीके से अनुभव ले सकते हैं.
नदी किनारे कैंपिंग का अनोखा अनुभव

5 / 7
उमंगोट नदी के किनारे कैंपिंग करने का अनुभव पर्यटकों को प्रकृति के और करीब ले जाता है. रात में तारों भरा आसमान, अलाव और नदी की बहती धारा की आवाज इस अनुभव को यादगार बना देती है.
ट्रेकिंग से मिलेगा एडवेंचर

6 / 7
दावकी के आसपास की पहाड़ियां और स्थानीय गांव ट्रेकिंग के लिए आदर्श हैं. यहां घूमते हुए पर्यटक स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली और मेघालय की प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देख सकते हैं.
फोटोग्राफर्स की पहली पसंद

7 / 7
उमंगोट नदी के अद्भुत नजारे फोटोग्राफर्स को खास तौर पर आकर्षित करते हैं. वो पारदर्शी पानी में तैरती नावें, हरियाली से घिरे पहाड़ और सूर्योदय-सूर्यास्त के दृश्य कैमरे में कैद कर अपने साथ ले जाते हैं.
(All Photos Credit: Social Media)