
1 / 8
आज के वक्त में हर किसी के लिए स्वास्थ्य जीवन जरूरी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर दुनिया के वह कौन-कौन से ऐसे देश हैं, जो सबसे ज्यादा हेल्दी है और एकदम फिट रहने को ही जीवन समझते हैं. साथ ही आइए जानते हैं इस दौड़ में भारत-पाकिस्तान कहां खड़े हैं?

2 / 8
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल हेल्थ इंडेक्स की हाल की एक रिपोर्ट में हेल्दी देशों की रैंकिंग सामने रखी गई. यह रैंकिंग अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय सूचकांकों के आधार पर तैयार की गई है. इसमें जीवन प्रत्याशा, स्वच्छ हवा-पानी, मजबूत हेल्थ सिस्टम, पोषण स्तर और लोगों की जीवनशैली जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा गया है.

3 / 8
इस लिस्ट में सबसे ऊपर है नॉर्वे (Norway). नॉर्वे को दुनिया का सबसे हेल्दी देश माना गया है, यहां औसत जीवन प्रत्याशा 83 साल से ज्यादा है. बता दें कि स्वच्छ पर्यावरण, मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और सक्रिय जीवनशैली इसकी सबसे बड़ी वजह है. यहां के लोग पैदल चलना, साइक्लिंग और आउटडोर एक्टिविटी को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाते हैं.

4 / 8
इस लिस्ट में स्विट्जरलैंड (Switzerland) दूसरे स्थान पर है, जहां जीवन प्रत्याशा 84 साल के करीब है. यहां अनिवार्य स्वास्थ्य बीमा लागू है, जिससे हर नागरिक को बुनियादी मेडिकल सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो पाती हैं और साथ ही यहां प्रति व्यक्ति डॉक्टर और नर्स की संख्या भी ज्यादा.

5 / 8
फिनलैंड (Finland) तीसरे नंबर पर आता है. यहां का वातावरण स्वच्छ और हरित क्षेत्रों से भरपूर है. हालांकि इस देश में कुछ स्वास्थ्य जोखिम मौजूद हैं, लेकिन सरकारी नीतियों और जागरूकता अभियानों से स्थिति लगातार बेहतर हो रही है.

6 / 8
ऑस्ट्रेलिया (Australia) में लोग आउटडोर एक्टिविटी को ज्यादा महत्व देते हैं. सरकार का मेडिकेयर सिस्टम नागरिकों को किफायती स्वास्थ्य सेवाएं देता है. बेहतर खानपान और फिटनेस संस्कृति यहां लंबी उम्र का कारण मानी जाती है. यहां भी औसत जीवन प्रत्याशा 84 साल के आसपास है. यही वजह है कि यह देश दुनिया का चौथा सबसे हल्दी देश है.

7 / 8
स्वीडन (Sweden) इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर है. यहां यूनिवर्सल हेल्थकेयर सिस्टम लागू है और सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र पर बड़ा बजट खर्च करती है. स्वच्छ वातावरण और संतुलित जीवनशैली इसे हेल्दी देशों में शामिल करती है.

8 / 8
अब आते हैं भारत और पाकिस्तान पर, रिपोर्ट के अनुसार भारत और पाकिस्तान टॉप-10 या टॉप-20 में शामिल नहीं हैं. दोनों देशों को स्वास्थ्य ढांचे, पर्यावरण गुणवत्ता और औसत जीवन प्रत्याशा जैसे क्षेत्रों में अभी बहुत सुधार की जरूरत है. हालांकि, तेजी से विकास और नई नीतियों के चलते भविष्य में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है. (Image: Pexels)