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Saransh Jain: श्रीलंका के खिलाफ आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए मध्य प्रदेश के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को भारतीय टीम में शामिल किया गया है. 33 वर्षीय सारांश को पहली बार टीम इंडिया में मौका मिला है. लंबे घरेलू करियर और संघर्ष के बाद उन्होंने भारतीय टीम में जगह बनाई है. टीम इंडिया में सिलेक्शन पर उनके पिता और पहले कोच सुबोध जैन का बड़ा योगदान रहा, जो खुद एक क्रिकेटर रह चुके हैं. (PIC Credit- AI)
सारांश जैन के पिता भी मध्य प्रदेश के लिए खेलते थे

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सारांश जैन के पिता सुबोध जैन ने भी मध्य प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट में खेलते थे. सुबोध भी एक ऑफ स्पिनर रहे हैं और 9 रणजी मैचों में 23 विकेट चटकाए थे. वह ही सारांश के पहले और एकमात्र कोच हैं. सुबोध तो भारत के लिए नहीं खेल पाए, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को ऑफ स्पिन की बारीकियां सिखाई, जो अब उनके सपने को साकार करेंगे. (PIC Credit- AI)
पिता की बीमारी ने बदल दी जिंदगी

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21 साल की उम्र में सारांश 2014 में इंदौर के एक क्लब की ओर से खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया गए थे. तब उनके पिता को मुंह का कैंसर हो गया था. जब वे घर पर फोन करते और पिता के लिए पूछते तो परिवार वाले कोई बहाना बना देते. भारत वापस आने पर उन्हें पिता की बीमारी का पता लगा और वे रोने लगे. सर्जरी के कारण उनके पिता ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे. तब उन्होंने एक कागज पर लिखा, "बेटा, तू जितना अच्छा करेगा, मैं उतनी जल्दी ठीक हो जाऊंगा." यही एक वाक्य सारांश की जिंदगी का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत बन गया. (PIC Credit- AI)
टीम ऐलान के वक्त हनुमान मंदिर में थे सारांश

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सुबोध ने बताया कि मंगलवार को जब भारतीय चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट टीम का ऐलान किया, उस समय सारांश हमेशा की तरह हनुमान मंदिर में पूजा कर रहे थे. मंदिर के अंदर होने की वजह से वह शुरुआती कॉल नहीं उठा सके. उन्होंने कहा, "जब वह मंदिर से बाहर आए, तब उन्हें अपने चयन की जानकारी मिली. वह पल हमारे पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक था." (PIC Credit- AI)
'बेटे ने सपना पूरा कर दिया'

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सुबोध ने आगे कहा, "मैं बहुत खुश हूं. मैंने भी मध्य प्रदेश के लिए रणजी ट्रॉफी खेली थी, लेकिन भारत के लिए खेलने का सपना पूरा नहीं कर सका. आज मेरे बेटे ने वह सपना पूरा कर दिया. इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कुछ नहीं हो सकती." (PIC Credit- AI)
रजत पाटीदार और सारांश साथ-साथ क्रिकेट खेलते थे

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उन्होंने बताया, "अब सारांश रविचंद्रन अश्विन के वीडियो देखकर लगातार सीखता रहता है, लेकिन जब उसने क्रिकेट शुरू किया था, तब मैं ही उसका पहला कोच और आदर्श था." सुबोध ने यह भी कहा कि सारांश बचपन से ही बाकी खिलाड़ियों से अलग नजर आता था. उन्होंने याद किया कि अंडर-12 क्रिकेट के दौरान ही कई लोगों ने उन्हें बताया था कि इस लड़के में कुछ खास बात है. उसी समय से रजत पाटीदार और सारांश साथ-साथ क्रिकेट खेलते आए हैं. (PIC Credit- AI)
सुबोध को अब भी है एक अफसोस

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सुबोध ने बताया कि उन्हें अपने करियर में आगे नहीं बढ़ पाने का अब भी अफसोस है. उन्होंने कहा, ''जब मैं खेला करता था तब उत्तर प्रदेश के गोपाल शर्मा मध्य क्षेत्र के प्रमुख ऑफ स्पिनर थे. उन्हें प्राथमिकता दी जाती थी और वह भारत के लिए टेस्ट मैच भी खेले." (PIC Credit- AI)
'बिंदास होकर खेलना'

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सारांश ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करते के दम पर भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाई है. ऐसे में टीम इंडिया में चयन के बाद भी सुबोध जैन ने अपने बेटे को सिर्फ एक सलाह दी है. उन्होंने कहा, "अगर मौका मिले तो बिंदास होकर खेलना. किसी तरह का दबाव मत लेना और अपने खेल का पूरा आनंद लेना." (PIC Credit- AI)
श्रीलंका दौरे के लिए भारत की टेस्ट टीम

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शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन. (PIC Credit- AI)