वापसी करते ही स्टार्क ने तुरंत अपना असर दिखा दिया. अपने पहले ही ओवर में उन्होंने यशस्वी जायसवाल को आउट करके शुरुआती कामयाबी हासिल की, जिससे विपक्षी टीम पर शुरू से ही दबाव बन गया. उनकी लय और कंट्रोल को देखकर ऐसा लगा मानो इतने लंबे ब्रेक के बावजूद उनकी धार जरा भी कम नहीं हुई है.

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जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, स्टार्क गेंदबाजी में अपनी अहम भूमिका निभाते रहे. 17वें ओवर में उन्होंने रवींद्र जडेजा और रियान पराग दोनों को आउट कर दिया, जिससे विरोधी टीम की पारी को मिली आखिरी पलों की स्पीड पर रोक लग गई. उन्होंने 40 रन देकर 3 विकेट लिए, जिससे जरूरी मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता साबित हुई.

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मैच के बाद बातचीत करते हुए, स्टार्क ने अपनी वापसी पर राहत और कॉन्फिडेंस का अहसास किया. 'शरीर की अकड़न दूर करना और खेल की गति में वापस आना अच्छा लग रहा है. मुझे लगता है कि पैरों में थोड़ी दौड़-भाग करना अच्छा रहा, लेकिन टीम के साथियों के बीच वापस आना, ट्रेनिंग करना और फिर जाहिर तौर पर आज रात जीत हासिल करना बहुत बढ़िया रहा. तो हां, वापसी करके बहुत अच्छा लग रहा है. मैं पिछले कुछ हफ्तों से थोड़ी-बहुत गेंदबाजी कर रहा था, बस अपनी कोहनी की पोजिशन ठीक करने की कोशिश कर रहा था ताकि मैं उसकी मूवमेंट को ठीक से संभाल सकूं.'

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स्टार्क ने आगे कहा, 'आज रात से पहले, मैंने तीन महीने तक किसी बल्लेबाज को गेंदबाजी नहीं की थी. इसलिए, ये एक तरह से बहुत तेजी से पुरानी गति में वापस आने जैसा था. मैं कुछ समय से क्रिकेट खेल रहा था, इसलिए स्किल के लिहाज से, मुझे लगा कि मैं वो सब कुछ करने की स्थिति में हूं जो मैं करना चाहता था. आज रात का मैच उन कुछ चीजों की अच्छी याद दिलाता है जो इस खेल को खास बनाती हैं. मुझे लगता है कि 20 ओवर तक पैरों में दौड़-भाग करने से मेरी फिटनेस और बेहतर होगी, और अब मैं टूर्नामेंट के अपने हिस्से में पूरी तरह से शामिल हो गया हूं.'

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इतने लंबे वक्त तक खेल से दूर रहने के बावजूद, स्टार्क कहीं से भी लय से बाहर नहीं दिखे. उन्होंने अपने पैरों पर बंधी पट्टियों के बारे में भी बात की, जिन्होंने उनकी फिजिकल कंडीशन और इस खेल में उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए थे.

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स्टार्क ने आखिर में कहा, 'कुछ बातें हैं. मुझे लगता है कि अगर आप 3 चीजें अपने साथ बांधकर रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे होते, तो हम जरूर हंसते; लेकिन मैं अभी उस मुकाम पर नहीं पहुंचा हूं. खैर, जो है सो है. यही क्रिकेट की जिंदगी है और यही दुनिया का दस्तूर. हम आगे बढ़ते हैं.'