गुजरात टाइटंस की कप्तानी करते हुए गिल ने 732 रन बनाए और 163 से ज्यादा का शानदार स्ट्राइक रेट बनाए रखा. उनके प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट के बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल किया, इसलिए कई लोगों के लिए उन्हें टीम में न चुनना हैरानी भरा फैसला था. हालांकि, ऐसा लगता है कि सिलेक्टर भारत के T20 फयूचर को एक नई दिशा देने पर ध्यान दे रहे हैं.

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शुभमन गिल का टीम में न होना भारत की बल्लेबाजी लाइन-अप में कड़े कॉम्पिटीशन को बयां करता है. हालांकि वो वनडे सेटअप में एक अहम खिलाड़ी बने हुए हैं, लेकिन हाल के सिलेक्शन से पता चलता है कि भारत की T20 प्लानिंग तेजी से बदल रही हैं, जिससे इस फॉर्मेट में उनका नियर फ्यूचर अनसर्टेन हो गया है. शायद सिलेक्टर्स आईपीएल में रनों की संख्या के बजाय स्ट्राइक रेट को तरजीह दे रहे हैं.

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एक और खिलाड़ी जिसे टीम में जगह नहीं मिली, वो हैं रजत पाटीदार. हाल के सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद आरसीबी के कप्तान को भी टीम में शामिल नहीं किया गया. उनका टीम में न होना मिडिल-ऑर्डर की जगहों के लिए कड़े कॉम्पिटीशन को दिखाता है, जहां श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और नीतिश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को सेलेक्टर का समर्थन मिल रहा है.

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वैभव सूर्यवंशी को शामिल करना टीम मैनेजमेंट के लॉन्ग टर्म विजन को दिखाता है. सिर्फ 15 साल की उम्र में राजस्थान रॉयल्स के यंग ओपनर को चुना जाना एक बड़ा इंवेस्टमेंट साबित हो सकता है, क्योंकि भारत लॉस एंजिल्स में 2028 में ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी सहित बड़े ग्लोबल इवेंट्स की प्लानिंग कर रहा है

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कई जाने-माने नाम भी टीमों में शामिल नहीं हैं. भारत के कामयाब 2026 टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन का हिस्सा रहे रिंकू सिंह को टीम में जगह नहीं मिली है. हार्दिक पांड्या और कुलदीप यादव अवेलेबल नहीं हैं क्योंकि मैनेजमेंट वर्कलोड को बैलेंस कर रहा है और फ्यूचर के इंटरनेशनल असाइनमेंट की तैयारियों को प्रायोरिटी दे रहा है.

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इस बीच मेन पेसर जसप्रीत बुमराह को T20I टूर के बजाय एशियन गेम्स की टीम में शामिल किया गया है. माना जा रहा है कि ये फैसला वर्कलोड मैनेजमेंट रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद उन्हें आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए तरोताजा रखना है.