आ रहा है 'तबाही का दानव' Apophis! 2029 में आसमान में दिखेगा मौत का साया?
पृथ्वी पर पहले कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसनें इस जमीन का आज, कल सब कुछ बदल कर रख दिया था, इसमें एक बड़ा नाम एस्टेरॉयड यानी क्षुद्रग्रह है. आज से लगभग 6.6 करोड़ साल पहले धरती से सबसे विनाशकारी एस्टेरॉयड टकराया था और अब फिर ऐसा नजारा आप करीब से देख सकेंगे.

रहस्यमयी अंतरिक्ष आगंतुक की एंट्री
2 / 9अंतरिक्ष से एक विशाल एस्टेरॉयड 'अपोफिस' 2029 में पृथ्वी के बेहद करीब आने वाला है. इसका नाम डरावना जरूर है, लेकिन यह घटना रोमांच और वैज्ञानिकों के बीच जानकारी नई और कई राज खोलने की आशंका इसका उत्साह बढ़ा रही है.
क्यों खास है Apophis Asteroid?
3 / 9अपोफिस को 'तबाही का देवता' कहा जाता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह बहुत बड़ा एस्टेरॉयड है, जिसकी चौड़ाई लगभग 340 मीटर बताई जाती है, जो एफिल टावर जैसी ऊंची इमारत के बराबर हो सकती है.
कब और कितनी दूरी से गुजरेगा?
4 / 9रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों को अनुमान है कि, यह एस्टेरॉयड 13 अप्रैल 2029 को के पास से गुजरेगा. इतना ही नहीं, इस दौरान यह सिर्फ लगभग 32,000 किलोमीटर की दूरी से निकलेगा, जो कई सैटेलाइट्स की कक्षा के भी भीतर माना जाता है.
चंद्रमा से भी कहीं ज्यादा करीब
5 / 9अपोफिस की दूरी चंद्रमा की तुलना में लगभग 12 गुना कम होगी. इतनी नजदीकी से किसी बड़े एस्टेरॉयड का गुजरना बहुत दुर्लभ घटना है, जिसे वैज्ञानिक ऐतिहासिक मान रहे हैं.
क्या पृथ्वी होने वाली है कुछ अनहोनी?
6 / 9वैज्ञानिकों ने साफ कहा है कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है. सटीक गणनाओं के अनुसार अगले 100 सालों तक इसके पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं पाई गई है, इसलिए आप अपनी जिंदगी आराम से जी सकेंगे.
क्या आप इसे देख सकते हैं.
7 / 9जब यह पास से गुजरेगा, तो यह तेज गति से चलते हुए चमकीले तारे जैसा दिखाई देगा. जिसे साफ आसमान वाले इलाकों में इसे बिना टेलीस्कोप के भी देखा जा सकेगा.
कितना बड़ा हो सकता है असर अगर टकराता?
8 / 9अपोफिस आकार में बहुत विशाल है और अगर कभी टकराता, तो यह बड़े शहरों को भारी नुकसान पहुंचा सकता था. इसकी ऊर्जा हजारों परमाणु बमों के बराबर मानी जाती है, जिसे इंसानों की कई पीढ़ी भूला नहीं पाती.
वैज्ञानिकों के लिए सुनहरा मौका
9 / 9यह घटना वैज्ञानिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि वे इसके गुरुत्वाकर्षण प्रभाव, संरचना और गति में बदलाव का अध्ययन कर पाएंगे, जिससे भविष्य में सुरक्षा तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी. (Image: AI)