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19 मार्च 2026 यानी कि कल से चैत्र नवरात्र शुरू हो रही है. इस नवरात्र को देखते हुए बनारस में एक बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, नगर निगम ने 19 मार्च से शुरू हो रहे नवरात्र के नौ दिनों तक शहर में मीट, मांस और मछली की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है. वहीं, बनारस प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए यह कदम उठायी गया है. साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी सख्त चेतावनी दी गई है.
बनारस में लिया गया सर्वसम्मति से फैसला

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मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है कि किसी भी क्षेत्र में किसी भी जगह मीट, मांस, मछली की दुकान नहीं खुलेगी. वहीं, महापौर अशोक तिवारी ने साफ बताया कि काशी धार्मिक नगरी है और नवरात्रि के दौरान यहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी. मंदिरों के आस-पास खास निगरानी रहेगी और अगर कोई दुकानदार छुपकर भी दुकान खोलता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई तय है. इसके साथ ही प्रशासन ने भी यह साफ किया है कि इस तरह के नियम ईद के मौके पर भी लागू किए जाएंगे और सभी को इसका पालन करना होगा. इस खबर में जानते हैं कि किन शहरों में मांस बेचने पर रोक है और नियमों को तोड़ने पर क्या सजा मिलती है.
अयोध्या में मांसाहारी भोजन पर पूरी तरह बैन

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भगवान राम की जन्म भूमि अयोध्या में मांसाहारी भोजन पर पूरी तरह बैन है. राम मंदिर बनने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ गई है, जिसे देखते हुए शहर में नॉनवेज की दुकान नहीं के बराबर हैं. यहां आने वाले लोग भी शाकाहारी भोजन को ही प्राथमिकता देते हैं.
वृंदावन में भी मांस, मछली, अडें की बिक्री पर रोक

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भगवान श्री कृष्ण की नगरी वृंदावन में भी मांस, मछली, अडें की बिक्री पर पूरी तरह से रोक है. यहां कई जगह पर तो प्याज और लहसुन से बना खाना भी नहीं मिलता है.
ऋषिकेश में है मांसाहारी भोजन पर रोक

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ऋषिकेश को धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में जाना चाहता है. यहां मांसाहारी भोजन की बिक्री पर रोक है. बड़ी संख्या में लोग यहां ध्यान और डिटॉक्स के लिए आते हैं, इसलिए यहां शुद्ध सरकारी खानपान को बढ़ावा दिया जाता है.
हरिद्वार में भी मांसाहार पर पूरी तरह से बैन

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उत्तराखंड में ही गंगा किनारे बसे हरिद्वार में भी मांसाहार पर पूरी तरह से बैन है. यह शहर धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां, दूर-दूर से श्रद्धालु गंगा स्नान और पूजा के लिए आते हैं. ऐसे में यहां सिर्फ शाकाहारी भोजन ही उपलब्ध होता है.
पालिताना शहर जैन धर्म का प्रमुख केंद्र

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इसके अलावा गुजरात का पालिताना शहर जैन धर्म का प्रमुख केंद्र है. यहां मांसाहारी भोजन पर सख्त पाबंदी है. जैन समुदाय की आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां मांस बेचना और खाना दोनों ही पूरी तरह से प्रतिबंधित है. वहीं, अगर यहां कोई मांस बेचता है या खाता पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई की जाती है.
पुष्कर में है मांस बिक्री पर रोक

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इसके अलावा राजस्थान का पुष्कर शहर एक पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां ब्रह्मा मंदिर स्थित है. यहां भी मांसाहारी भोजन वर्जित है. शहर में नॉनवेज की बिक्री और सेवन दोनों पर ही रोक है. साथ ही यहां आने वाले पर्यटक भी इस नियम का पालन करते हैं.
तमिलनाडु के मीनाक्षी मंदिर के इलाकों में भी है बैन

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तमिलनाडु में मीनाक्षी मंदिर के लिए प्रसिद्ध मदुरई में भी धार्मिक मान्यताओं के चलते कई इलाकों में शाकाहारी भोजन को प्राथमिकता दी जाती है. यहां मंदिर क्षेत्र के आसपास मांस पर रोक लगी हुई है.