भारतीय हथियारों की ताकत अब केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है बल्कि अब ये ताकत यूरोप और एशिया तक भी अपनी पहुंच बना चुकी है. बता दें कि एक छोटा सा देश आर्मेनिया अब भारत के रक्षा उद्योग का सबसे बड़ा ग्राहक बनकर उभरा है. इसकी सबसे बड़ी आर्मेनिया में आयोजित हुई सैन्य परेड में दिखाई दी. बता दें कि आर्मेनिया की सैन्य परेड में भारतीय हथियार खुले तौर पर प्रदर्शित किए गए.
आर्मेनिया का Republic Day

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बता दें कि आर्मेनिया हर साल 28 मई को अपना “Republic Day” बड़े पैमाने पर मनाता है. इस मौके पर राजधानी येरेवान में विशाल सैन्य परेड आयोजित की जाती है, जिसमें सेना अपनी नई सैन्य ताकत, आधुनिक हथियार और रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन करती है. इस वर्ष की परेड खास इसलिए भी रही क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के हथियार और रक्षा सिस्टम दिखाई दिए.
Akash, Pinaka जैसे भारतीय हथियारों की धाक

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आर्मेनिया में आयोजित हुई इस सैन्य परेड में भारत के Akash एयर डिफेंस सिस्टम, Pinaka मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL), भारतीय आर्टिलरी सिस्टम ATAGS 155mm Towed Artillery Systems और Swathi वेपन लोकेटिंग रडार सिस्टम दिखाई दिए. यह पहली बार है जब आर्मेनिया ने इतने बड़े स्तर पर भारतीय हथियारों को अपनी सैन्य शक्ति के हिस्से के रूप में दुनिया के सामने पेश किया.
Akash-1S की हुई सबसे ज्यादा चर्चा

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आर्मेनिया की सैन्य परेड में सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय Akash-1S Surface-to-Air Missile सिस्टम की हुई. बता दें कि यह भारत द्वारा विकसित अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे DRDO ने तैयार किया है. Akash लड़ाकू विमान, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को लगभग 30 किलोमीटर तक मार गिराने की क्षमता रखता है. आर्मेनिया ने साल 2022 में भारत के साथ करीब 720 मिलियन डॉलर की Akash डील की थी. यह भारत के लिए एक बेहद ऐतिहासिक पल था क्योंकि यह Akash सिस्टम का पहला विदेशी ऑर्डर था.
परेड में दिखा भारतीय Pinaka MBRL सिस्टम

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वहीं, आर्मेनिया की परेड में भारतीय Pinaka MBRL सिस्टम भी दिखाई दिया. यह वही रॉकेट सिस्टम है जिसने भारतीय सेना की मारक क्षमता को काफी बढ़ाया है. Pinaka एक साथ कई रॉकेट्स दाग सकता है और लंबी दूरी तय कर बड़ी तबाही को अंजाम दे सकता है. Guided Pinaka की रेंज 75 किलोमीटर तक है. इसकी खास बात ये भी है कि आर्मेनिया Guided Pinaka पाने वाला पहला विदेशी देश बन गया है.
आर्टिलरी गन और रडार सिस्टम भी शामिल

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आर्मेनिया की इस सैन्य परेड में सिर्फ मिसाइल और रॉकेट सिस्टम ही नहीं, बल्कि भारतीय 155mm आर्टिलरी गन और रडार सिस्टम भी दिखे. MArG 155-BR जैसे भारतीय स्वदेशी आर्टिलरी सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए. यह हाई मोबिलिटी आर्टिलरी सिस्टम कठिन पहाड़ी इलाकों में भी तेजी से ऑपरेट कर सकता है.
आर्मेनिया ने क्यों खरीदे भारतीय हथियार?

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बता दें कि 2020 के नागोर्नो-काराबाख युद्ध के बाद आर्मेनिया को ये एहसास हुआ कि उसकी पुरानी रूसी हथियार प्रणाली दूसरे देशों के आधुनिक ड्रोन और मिसाइल युद्ध के सामने कमजोर पड़ रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ अजरबैजान को तुर्किये और पाकिस्तान का समर्थन मिला. इ, रणनीतिक बदलाव में आर्मेनिया भारत से महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की खरीद कर रहा है, जिसमें मिसाइल सिस्टम, राडार और अन्य अत्याधुनिक हथियार शामिल हैं.