ट्रेन की सीट पर लगी नीली पट्टी का क्या है मतलब? रोज सफर करने वाले भी नहीं दे पाएंगे सही जवाब
Train Seat Blue Patti: ट्रेन की सीट या कोच पर लगी नीली पट्टी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक अहम संकेत है जो आपके सफर को आसान बनाती है. अगली बार जब आप ट्रेन में चढ़े तो इन रंगों पर ध्यान जरूर दें. आपको अपना कोच ढूंढने में कभी परेशानी नहीं होगी.

Train Ki Seat Pili Patti Hona: ट्रेन में ज्यादातर लोग सफर करते हैं. यह सबसे सस्ता और आसानी से मिलने वाला ऑप्शन है. आप भी यकीनन ट्रेन में सफर करते होंगे और सीट या कोच के बाहर लगी नीली पट्टी जरूर देखी होगी. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ डिजाइन या रंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में इसका एक खास मतलब होता है. यह छोटी सी पट्टी आपके सफर को आसान बनाने के लिए ही लगाई जाती है.
क्या होती है सीट पर लगी नीली पट्टी?
2 / 6यह आपको एसी कोच में देखने को मिलेगी, क्योंकि इन कोच में ओढ़ने और बिछाने के लिए चादर की सुविधा मिलती है. इस नीली पट्टी का यूज भी चादर से ही कनेक्ट है. इस नीली पट्टी को बेडशीट को पकड़ कर रखने के लिए बनाया गया है.
चादर खिसकने से रोकती है
3 / 6यह पट्टी चादर को खिसकने से रोकने के लिए होती है. कई बार रात में सोते हुए पता भी नहीं चलता और बिछाई हुई चादर नीचे गिरी हुई मिलती है. इसका कारण यह कि ट्रेन की सीट फिसलन वाली होती है. इसलिए इस पर चादर का टिकना मुश्किल हो जाता है.
कैसे किया जाता है इस्तेमाल?
4 / 6इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको स्लीव के नीचे बेडशीट के सिरे दबाना होगा. सीट की यह पट्टी टाइट होती है, इसलिए चादर इसमें पूरी रात फंसी रहती है. अगर आप भी आने वाले समय में ट्रेन से सफर करने वाली हैं, तो सीट पर बने इस हैक को जरूर यूज करें.
लोअर बर्थ में भी होता है फीचर
5 / 6यह फीचर ज्यादातर अपर बर्थ पर ही दिखता है. ऐसा नहीं है क्योंकि लोअर बर्थ में भी यह फीचर मौजूद होता है. वहां यह बैकरेस्ट के साथ छुपा रहता है. लोअर बर्थ की पीठ वाली सीट को नीचे मोड़ने पर वह हिस्सा स्लीव का काम करता है.
अगली बार करें इस्तेमाल
6 / 6ट्रेन की सीट पर लगी नीली पट्टी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक अहम संकेत है जो आपके सफर को आसान बनाती है. अगली बार जब आप ट्रेन में चढ़ें तो इस पट्टी पर जरूर ध्यान दें. साथ ही, इसका इस्तेमाल करना ना भूलें.



















