
1 / 6
Train Ki Seat Pili Patti Hona: ट्रेन में ज्यादातर लोग सफर करते हैं. यह सबसे सस्ता और आसानी से मिलने वाला ऑप्शन है. आप भी यकीनन ट्रेन में सफर करते होंगे और सीट या कोच के बाहर लगी नीली पट्टी जरूर देखी होगी. ज्यादातर लोग इसे सिर्फ डिजाइन या रंग समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन असल में इसका एक खास मतलब होता है. यह छोटी सी पट्टी आपके सफर को आसान बनाने के लिए ही लगाई जाती है.
क्या होती है सीट पर लगी नीली पट्टी?

2 / 6
यह आपको एसी कोच में देखने को मिलेगी, क्योंकि इन कोच में ओढ़ने और बिछाने के लिए चादर की सुविधा मिलती है. इस नीली पट्टी का यूज भी चादर से ही कनेक्ट है. इस नीली पट्टी को बेडशीट को पकड़ कर रखने के लिए बनाया गया है.
चादर खिसकने से रोकती है

3 / 6
यह पट्टी चादर को खिसकने से रोकने के लिए होती है. कई बार रात में सोते हुए पता भी नहीं चलता और बिछाई हुई चादर नीचे गिरी हुई मिलती है. इसका कारण यह कि ट्रेन की सीट फिसलन वाली होती है. इसलिए इस पर चादर का टिकना मुश्किल हो जाता है.
कैसे किया जाता है इस्तेमाल?

4 / 6
इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको स्लीव के नीचे बेडशीट के सिरे दबाना होगा. सीट की यह पट्टी टाइट होती है, इसलिए चादर इसमें पूरी रात फंसी रहती है. अगर आप भी आने वाले समय में ट्रेन से सफर करने वाली हैं, तो सीट पर बने इस हैक को जरूर यूज करें.
लोअर बर्थ में भी होता है फीचर

5 / 6
यह फीचर ज्यादातर अपर बर्थ पर ही दिखता है. ऐसा नहीं है क्योंकि लोअर बर्थ में भी यह फीचर मौजूद होता है. वहां यह बैकरेस्ट के साथ छुपा रहता है. लोअर बर्थ की पीठ वाली सीट को नीचे मोड़ने पर वह हिस्सा स्लीव का काम करता है.
अगली बार करें इस्तेमाल

6 / 6
ट्रेन की सीट पर लगी नीली पट्टी सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि एक अहम संकेत है जो आपके सफर को आसान बनाती है. अगली बार जब आप ट्रेन में चढ़ें तो इस पट्टी पर जरूर ध्यान दें. साथ ही, इसका इस्तेमाल करना ना भूलें.