Bashir Badr News: मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार की दोपहर भोपाल में निधन हो गया है. बशीर बद्र ने 91 साल की उम्र में अंतिम सांसें लीं और दुनिया को अलविदा कह गए. डॉ. बशीर बद्र मोहब्बत, तन्हाई, दर्द और उम्मीद जैसे अनेक पहलुओं पर लिखा करते थे. उनके शेर इतने मशहूर थे कि कितने ही मंचों पर शुरुआती भाषण ही बशीर के शेर पढ़कर शुरू हुआ करते थे. आपके लिए यहां बशीर बद्र के ऐसे ही 10 बेहद मशहूर शेर (Popular Sher Of Bashir Badr) दिए जा रहे हैं जिन्हें आप अपने व्हाट्सऐप स्टेटस या इस्टाग्राम स्टोरी पर लगाकर बशीर बद्र को याद कर सकते हैं.
मुसाफ़िर हैं हम भी...

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मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
हम भी दरिया हैं...

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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
बड़ी आरज़ू थी...

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न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
मजबूरियाँ रही होंगी...

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कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता
ये गुंजाइश रहे...

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दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
उजाले अपनी यादों के...

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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
ज़िंदगी तू ने मुझे...

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ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मीं
पाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है
जिस दिन से चला हूँ...

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जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा
कोई हाथ भी न मिलाएगा...

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कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से
ये नए मिज़ाज का शहर है ज़रा फ़ासले से मिला करो
आँखें हमारी कहाँ से लाएगा...

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तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा