आज के समय में पूरी दुनिया के एक आम समस्या बन चुकी है और वो है वायु प्रदूषण. वायु प्रदूषण सिर्फ पर्यावरण का एक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे इंसान की सेहत से जुड़ा हुआ है. लगातार खराब हो रही हवा के कारण लोगों के दिल, दिमाग, फेफड़ों और इसके अलावा छोटे बच्चों के विकास पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है.
क्या कहती है एयर क्वालिटी रिपोर्ट?

2 / 8
हर साल पूरी दुनिया में इन्हीं कारणों से एयर क्वालिटी पर रिपोर्ट जारी की जाती है जिससे हम समझ सकें कि आखिर असली दिक्कत है कहां और इससे निपटने का समय भी नजदीक है. वहीं, साल 2025 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का सबसे प्रदूषित देश पाकिस्तान है. आज विश्व पर्यावरण दिवस है तो चलिए जानते हैं कि हमारे पड़ोसी बांग्लादेश और तजाकिस्तान प्रदूषण के मामले में दुनिया में किस नंबर पर हैं और भारत की क्या स्थिति है?
सबसे प्रदूषित देश कौन से हैं?

3 / 8
साल 2025 की एक रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, दुनिया का सबसे प्रदूषित देश पाकिस्तान है. पाकिस्तान का औसत PM2.5 स्तर सबसे अधिक दर्ज किया गया है. बांग्लादेश दूसरे और ताजिकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा. यानी अगर केवल अव्वल तीन देशों का नाम लेना होगा तो क्रमवार पाकिस्तान, बांग्लादेश और ताजिकिस्तान होंगे. भारत इन तीनों के बाद नहीं, बल्कि वैश्विक सूची में छठे नंबर पर आता है.
पाकिस्तान पहले स्थान पर क्यों और कैसे है?

4 / 8
पाकिस्तान के सबसे प्रदूषित देश बनने के पीछे कई कारण हैं. पहला कारण है तेजी से बढ़ता शहरीकरण. शहर बढ़ रहे हैं, लेकिन साफ हवा के लिए जरूरी ढांचा उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा. दूसरा कारण है वाहनों का धुआं. पुराने वाहन, डीजल इंजन और ट्रैफिक जाम हवा को खराब करते हैं. तीसरा कारण है उद्योग और ईंधन. फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं बड़ी समस्या है. कई क्षेत्रों में कोयला और दूसरे गंदे ईंधन का उपयोग अभी भी अधिक होता है. सड़कों की धूल, निर्माण स्थल और खुले में पड़ा मलबा भी हवा में महीन कण बढ़ाते हैं. कई बार ठंडी हवा, धुंध और स्थिर मौसम प्रदूषक कणों को नीचे ही रोक लेते हैं. इससे हवा लंबे समय तक खराब बनी रहती है.
बाग्लादेश दूसरे नंबर पर

5 / 8
बांग्लादेश दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले देशों में से एक है. घनी आबादी वाले इलाकों में प्रदूषण तेजी से बढ़ता है. यहां की कई प्रमुख वजहें हैं. ईंट भट्टों से निकलने वाला धुआं, पुराने वाहन, औद्योगिक उत्सर्जन, घनी आबादी, कमजोर शहरी योजना, निर्माण और सड़क की धूल बड़े कारक हैं. यह भी कहा गया है कि बांग्लादेश की राजधानी और औद्योगिक क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता लंबे समय तक खराब रहती है. यही कारण है कि बांग्लादेश लगातार दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में बना हुआ है.
तजाकिस्तान तीसरे नंबर पर

6 / 8
ताजिकिस्तान का नाम कई लोगों को चौंका सकता है. क्योंकि यह देश अक्सर भारत, पाकिस्तान या बांग्लादेश जितना चर्चा में नहीं रहता. लेकिन वायु प्रदूषण केवल जनसंख्या से तय नहीं होता. स्थानीय ईंधन, उद्योग, धूल, मौसम और मॉनिटरिंग डेटा भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. ताजिकिस्तान में प्रदूषण बढ़ने के कुछ प्रमुख कारण माने जाते हैं. ठंडे मौसम में ईंधन का अधिक उपयोग, धूल और सूखी जलवायु, कुछ क्षेत्रों में औद्योगिक उत्सर्जन, साफ ऊर्जा के सीमित साधन, भौगोलिक स्थितियां. ये सब मिलकर देश को प्रदूषित कर रहे हैं.
भारत किस नंबर पर है?

7 / 8
दुनिया भर के देशों की तुलना में भारत 2025 की रिपोर्ट के अनुसार छठे स्थान पर है. यह बात थोड़ी राहत देती है कि भारत टॉप फाइव से बाहर आया. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि स्थिति अच्छी हो गई. भारत में अब भी कई शहर गंभीर प्रदूषण से जूझ रहे हैं. दिल्ली, एनसीआर, औद्योगिक क्षेत्र और कुछ छोटे शहर भी खराब हवा का सामना कर रहे हैं.
PM2.5 क्या होता है?

8 / 8
प्रदूषण को समझने के लिए PM2.5 को समझना जरूरी है. यह हवा में मौजूद बहुत छोटे कण होते हैं. इनका आकार 2.5 माइक्रॉन या उससे कम होता है. ये इतने छोटे होते हैं कि हमारी सांस के साथ सीधे फेफड़ों में पहुंच जाते हैं. कुछ कण खून तक में मिल सकते हैं. इसी कारण PM2.5 को बहुत खतरनाक माना जाता है. जब किसी देश का वार्षिक PM2.5 स्तर अधिक होता है, तो वह देश ज्यादा प्रदूषित माना जाता है.