Traffic Rule: देश में ट्रैफिक नियमों का पालन करना हर वाहन चालक के लिए जरूरी है, लेकिन कई ऐसे नियम हैं जिनकी जानकारी लोगों को नहीं होती. इनमें कई ऐसे नियम हैं जिन्हें अनजाने में भी तोड़ने पर तगड़ा फाइन लग सकता है. ऐसा ही एक नियम नॉन मोटराइज्ड व्हीकल लेन (NMV) से जुड़ा है. जानें, इस नियम के बारे में
क्या होती है NMV लेन

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NMV लेन सड़क का वह हिस्सा होता है, जिसपर साइकिल, साइकिल रिक्शा, पैदल यात्रियों और अन्य मानव या पशु-चालित वाहन भी चलाए जाते हैं. इसका उद्देश्य सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना है. ऐसे में यहां पर आपने ICE व्हीकल चलाया तब 20,000 रुपए का चालान किया जा सकता है.
लेन संबंधी नियमों का रखें विशेष ध्यान

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मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 115/194(1) के तहत नॉन मोटराइज्ड व्हीकल लेन में कोई भी मोटर वाहन चलाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है. इस नियम को तोड़ने पर पहली बार ही 20,000 रुपये तक का चालान किया जा सकता है. इतना ही नहीं, दोबारा नियम तोड़ने पर भी समान जुर्माना लगाया जा सकता है. इसलिए वाहन चालकों को सड़क पर लगे संकेतों और लेन संबंधी नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
पर्यावरण संरक्षण में भी देती है योगदान

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NMV लेन विशेष रूप से साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई जाती है. ये लेन उन्हें तेज रफ्तार मोटर वाहनों से अलग रखती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है. साथ ही यह व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है, क्योंकि इससे सेफ्टी, शून्य-उत्सर्जन वाले परिवहन साधनों को बढ़ावा मिलता है. कम आय वाले लोगों के लिए भी यह एक किफायती और सुविधाजनक परिवहन विकल्प माना जाता है.
ईको-फ्रेंडली, सेफ ट्रांसपोर्टेशन ऑप्शन

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फिजिकली तौर पर रोड़ पर अलग किए गए ये ट्रैक कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं जैसे साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों को हाई गति वाले मोटर व्हीकल यातायात से बचाते हैं. वे एक ईको-फ्रेंडली, शून्य-उत्सर्जन ट्रांसपोर्टेशन ऑप्शन प्रदान करते हैं, जो शहर के समग्र कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है. वे कम आय वाले परिवारों के लिए एक अफॉर्डेबल और अत्यधिक उपयोग किए जाने वाले ट्रांसिस्ट ऑप्शन के रूप में काम करते हैं.
नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट का विस्तार

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डेली ट्रांसपोर्टेशन में सुधार के लिए भारतीय शहर एक्टिव तौर से अपने नॉन मोटराइज्ड ट्रांसपोर्ट (NMT) नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं. जैसे, भोपाल और जबलपुर में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत डेडिकेटेड साइकिल लेन और पैदल यात्री-अनुकूल पैदल मार्ग डेवलप किए गए हैं. वहीं, बेंगलुरू और पुणे जैसे शहरों में भी सरकारी नीतियों के तहत साइकिल नेटवर्क और पैदल यात्री प्राथमिकता वाले एरिया का विस्तार किया जा रहा है.