Jagannath Mandir Puri: जगन्नाथ मंदिर के वो 7 रहस्य जो आज भी हैं अनसुलझे; वैज्ञानिक भी नहीं लगा सके पता

ओडिशा राज्य के पुरी शहर में स्थित जगन्नाथ मंदिर लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है. अक्सर आपने सुना होगा कि जगन्नाथ मंदिर को लेकर कई रहस्य सामने आते रहते हैं और लोगों के बीच भी ये चर्चा का विषय बने रहते हैं. आज भी जगन्नाथ मंदिर को लेकर कई रहस्य प्रसिद्ध हैं, तो चलिए आज हम इस खबर में जगन्नाथ मंदिर के इन्हीं रहस्यों के बारे में चर्चा करेंगे.

jagannath temple puri odisha history
1 / 8

विज्ञापन

मंदिर के ऊपर नहीं उड़ते पक्षी

मंदिर के ऊपर नहीं उड़ते पक्षी2 / 8

जगन्नाथ मंदिर का एक सबसे प्रसिद्ध रहस्य यह है कि इसके शिखर के ऊपर कभी भी पक्षी उड़ते हुए नहीं दिखाई देते हैं. मान्यता है कि गरुड़ देव स्वयं मंदिर की रक्षा करते हैं, इसलिए कोई पक्षी इसके ऊपर नहीं जाता है. वहीं, वैज्ञानिकों के अनुसार, इसे वायु प्रवाह और मंदिर की ऊंचाई से जोड़ा जाता रहा है. यह रहस्य आज भी लोगों को हैरान कर देता है.

विज्ञापन

विपरीत दिशा में लहरता है ध्वज

विपरीत दिशा में लहरता है ध्वज3 / 8

बता दें कि जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर एक बड़ा सा ध्वज लगा हुआ है. कहते हैं कि यह पवित्र ध्वज हमेशा हवा की दिशा के विपरीत लहरता है. हर दिन पुजारी सैकड़ों फीट ऊंचे शिखर पर चढ़कर इसे बदलते हैं. जगन्नाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालु इसे भगवान की दिव्य शक्ति का प्रतीक मानते हैं जबकि वैज्ञानिकों के बीच आज भी चर्चा का विषय है.

मंदिर के बाहर सुनाई देती है लहरों की आवाज लेकिन मंदिर के अंदर नहीं

मंदिर के बाहर सुनाई देती है लहरों की आवाज लेकिन मंदिर के अंदर नहीं4 / 8

जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार के बाहर समुद्र की लहरों की आवाजें साफ तौर पर सुनाई देती हैं, लेकिन जैसे ही आप मंदिर के अंदर प्रवेश करते हैं तो मानो इन लहरों की आवाज कहीं गायब हो जाता है. मंदिर से बाहर निकलते ही इन लहरों की आवाज फिर से साफ सुनाई देने लगती है. ऐसा माना जाता है कि मंदिर की बनावट मंदिर के अंदर ध्वनि को नियंत्रित करती है.

विज्ञापन

नहीं दिखती मुख्य शिखर की स्पष्ट छाया

नहीं दिखती मुख्य शिखर की स्पष्ट छाया5 / 8

ऐसा कहा जाता है कि दिन के किसी भी समय जगन्नाथ मंदिर के मुख्य शिखर की स्पष्ट छाया दिखाई नहीं देती है. कई लोग इसे प्राचीन भारतीय वास्तुकला का अद्भुत चमत्कार मानते हैं. वैज्ञानिक इसे सूर्य की स्थिति और निर्माण शैली को इसका कारण मानते हैं, लेकिन यह रहस्य आज भी लोगों के बीच जिज्ञासा को बढ़ाता है.

कभी कम नहीं पड़ता प्रसाद

कभी कम नहीं पड़ता प्रसाद6 / 8

जगन्नाथ मंदिर का महाप्रसाद हजारों श्रद्धालुओं में हर रोज वितरित किया जाता है. आश्चर्य की बात यह है कि प्रसाद कभी भी कम नहीं पड़ता है, लेकिन मंदिर बंद होने तक पूरा खत्म भी हो जाता है. भक्त इसे भगवान जगन्नाथ की कृपा मानते हैं. यह परंपरा सदियों से लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र बनी हुई है.

विज्ञापन

जगन्नाथ मंदिर की रसोई इस रहस्य के लिए है प्रसिद्ध

जगन्नाथ मंदिर की रसोई इस रहस्य के लिए है प्रसिद्ध7 / 8

कहते हैं कि जगन्नाथ मंदिर की रसोई में भी कई अनोखे रहस्य छिपे हुए हैं. यहां मिट्टी के कई बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रखकर भोजन को पकाया जाता है. आश्चर्य की बात ये है कि सबसे ऊपर रखा बर्तन सबसे पहले पक जाता है. सामान्य नियमों के विपरीत यह प्रक्रिया मंदिर की रसोई को दुनिया की रहस्यमयी रसोइयों में भी शामिल करती है.

जगन्नाथ मंदिर का नील चक्र

जगन्नाथ मंदिर का नील चक्र8 / 8

जगन्नाथ मंदिर के शिखर पर स्थित नील चक्र को अत्यंत पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि इसे किसी भी दिशा से देखने पर यह हमेशा सामने की ओर दिखाई देता है. इसकी अद्भुत बनावट और संतुलन लोगों को हैरान कर देता है. भक्त इसे भगवान जगन्नाथ की दिव्य उपस्थिति का प्रतीक मानते हैं.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन