ट्रेन से पार्सल कैसे होती है बाइक? यहां जानें पूरा प्रोसेस और किन-किन चीजों के लिए देने पड़ेंगे पैसे

आपको बता दें कि रेलवे के जरिए बाइक भेजने का प्रोसेस काफी आसान है. इस प्रोसेस के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज, पैकिंग और बुकिंग प्रक्रिया पूरी करनी होती है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ट्रेन से बाइक भेजने में कितना खर्च आता है और इसका पूरा प्रोसेस क्या होता है.

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ट्रेन से बाइक भेजने के लिए क्या करना होता है?

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जब भी आपको ट्रेन से बाइक भेजनी है तो आपको रेलवे स्टेशन पर जाना है जहां पर पार्सल बुकिंग की सुविधा उपलब्ध हो. वहां मौजूद पार्सल बुकिंग ऑफिस से बाइक भेजने का फॉर्म लेना होगा. इसमें बाइक मालिक की जानकारी, गंतव्य स्टेशन, मोबाइल नंबर और बाइक से जुड़ी डिटेल भरनी होती है. इसके बाद बाइक की जांच और विजन किया जाता है. दूरी और वजन के हिसाब से चार्ज तय होता है. भुगतान करने के बाद रेलवे स्टेशन आपको एक फाइनल रसीद जारी करता है, जिसे संभालकर रखना होता है.

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कौन-कौन से कागज जरूरी हैं?

कौन-कौन से कागज जरूरी हैं?3 / 8

जब भी आप कहीं बाइक भेजते हैं तो आपके पास आधार कार्ड, बाइक की आरसी, वैध इंश्योरेंस, एक्टिव मोबाइल नंबर होना जरूरी है. अगर बाइक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर है, तो केवल फोटोकॉपी से काम नहीं चलता. कई मामलों में ऑरिजनल डॉक्यूमेंट या अधिकृत अनुमति की जरूरत पड़ सकती है.

बाइक भेजने से पहले करें ये तैयारी

बाइक भेजने से पहले करें ये तैयारी4 / 8

रेलवे नियमों के अनुसार, बाइक भेजने से पहले कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान बाइक में पेट्रोल लगभग खाली होना चाहिए, इसलिए पहले ही पेट्रोल की टंकी खाली कर लेनी चाहिए. इसके अलावा साइड मिरर निकलवा लेना चाहिए. बाइक को कहीं भी भेजने के लिए उसकी पैकिंग करवानी होती है, जो आप खुद भी कर सकते हैं और स्टेशन के वेंडर से भी करवा सकते हैं. हैंडल और बॉडी को अच्छे से कवर किया जाता है.

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पैकिंग में कितना खर्च होता है?

पैकिंग में कितना खर्च होता है?5 / 8

स्टेशन पर मौजूद पैकिंग एजेंसियां बाइक पैक करती हैं. आमतौर पर पैकिंग का खर्च 300 से 600 रुपये तक आता है. यह खर्च बाइक के आकार और पैकिंग क्वालिटी पर निर्भर करता है.

कितना लगता है किराया?

कितना लगता है किराया?6 / 8

रेलवे बाइक भेजने का किराया दूरी और बाइक के वजन के आधार पर तय करता है. उदाहरण के तौर पर करीब 800 किलोमीटर तक बाइक भेजने में कुल खर्च लगभग 3 हजार रुपये तक पहुंच सकता है. इसमें पार्सल चार्ज, पैकिंग और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा ट्रेन एक्सप्रेस है या कोई और उस पर भी किराया निर्भर करता है.

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बाइक रिसीव करते समय ध्यान रखें ये बातें

बाइक रिसीव करते समय ध्यान रखें ये बातें7 / 8

जिस भी स्टेशन पर बाइक पहुंचती है, वहां से उसे समय पर लेना जरूरी होता है. रेलवे की रसीद दिखाकर ही बाइक डिलीवर की जाती है. अगर बाइक स्टेशन पर 6 दिन से ज्यादा खड़ी रहती है तो अतिरिक्त चार्ज देना पड़ सकता है. बाइक रिसीव करने के दौरान ओरिजनल रसीद ही जरूरी है. या तो आप स्टेशन बुक करने के बाद रसीद पोस्ट कर दें या आप खुद लेकर जाएं.

क्यों जरूरी है इंश्योरेंस?

क्यों जरूरी है इंश्योरेंस?8 / 8

बाइक भेजने के दौरान वैध इंश्योरेंस होना जरूरी माना जाता है. फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस होने से किसी नुकसान या विवाद की स्थिति में मदद मिल सकती है. इंश्योरेंस फर्स्ट पार्टी ही होना चाहिए.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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