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Flight Medical Emergency : फ्लाइट से सफर के दौरान अचानक किसी की भी तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में कई सवाल मन में आते हैं कि अगर अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए तो इलाज का खर्च कौन उठाएगा. क्या आपने सोचा है फ्लाइट से सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ना किसी के साथ भी हो सकता है और ऐसे समय में अस्पताल का खर्च किसे उठाना होगा, यह बड़ा सवाल बन जाता है. जानिए कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या फिर खुद यात्री?
एयरलाइन की जिम्मेदारी क्या होती है?

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एयलाइन की जिम्मेदारी सीमित होती है और यह मुख्य रूप से उड़ान के दौरान सहायता देने तक रहती है. आमतौर पर एयरलाइन अस्पताल का पूरा खर्च नहीं उठाती है, लेकिन वहीं अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है तो अस्पताल में भर्ती होने का खर्च आपकी बीमा कंपनी कवर कर सकती है.
हेल्थ इंश्योरेंस से मिल सकती है मदद

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अगर आप भारत के भीतर यात्रा कर रहे हैं तो आपकी सामान्य हेल्थ पॉलिसी काम आएगी. वहीं अगर अस्पताल आपकी बीमा कंपनी के नेटवर्क में है तो ऐसे में आपको कैशलेस इलाज मिल सकता है. नॉन-नेटवर्क अस्पताल में पहले भुगतान, उसके बाद में क्लेम के जरिए पैसा वापस लिया जा सकता है.
टिकट बुकिंग के टाइम ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी

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टिकट बुक करते टाइम लिया गया ट्रैवल इंश्योरेंस ऐसी स्थिति में काफी काम आता है. इसमें अक्सर अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, साथ ही दवाइयों का खर्च, मेडिकल इवैक्यूएशन का खर्च अंतरराष्ट्रीय यात्रा में ज्यादा उपयोगी होता है.
एयरलाइन अपने स्तर पर क्या कर सकती है?

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प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराती है. जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी लैंडिंग कराती है. इसके साथ ही एम्बुलेंस या फिर मेडिकल टीम बुलाने में मदद करती है. लेकिन ध्यान रहें इसके बाद एयरलाइन अस्पताल का इलाज खर्च नहीं देती हैं. इलाज का पैसा यात्री या फिर बीमा कंपनी को करना होता है.
कब एयरलाइन को देना पड़ सकता है खर्च?

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एयरलाइन से कुछ खास परिस्थितियों जैसे...एयरलाइन का खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ना. वहीं एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही. साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन न होने पर भी यात्री मुआवजे की मांग कर सकता है.
यात्रा से पहले ये सावधानी रखें जरूरी बात

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कई प्रीमियम क्रेडिट कार्ड यात्रा बीमा सुविधा देते हैं. बशर्ते टिकट उसी कार्ड से बुक की गई हो. यात्रा से पहले कुछ जरूरी तैयारी आपके काम आ सकती है जैसे...बीमा पॉलिसी की इमरजेंसी डिटेल्स साथ रखें. पुरानी बीमारी है तो डॉक्टर से Fit to Fly सर्टिफिकेट लें. ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर चेक करें.