Flight Medical Emergency: फ्लाइट में तबीयत बिगड़ने पर कौन उठाएगा खर्च, क्या कहते हैं नियम?

Flight Medical Emergency : लोग अपने काम, घूमने या फिर किसी जरूरी वजह से फ्लाइट से सफर करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि सफर के दौरान अगर आपकी अचानक तबीयत बिगड़ जाए और मेडिकल इमरजेंसी जैसी स्थिति का सामना करना पड़े तो क्या होगा.

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Flight Medical Emergency : फ्लाइट से सफर के दौरान अचानक किसी की भी तबीयत बिगड़ सकती है। ऐसे में कई सवाल मन में आते हैं कि अगर अस्पताल में भर्ती होना पड़ जाए तो इलाज का खर्च कौन उठाएगा. क्या आपने सोचा है फ्लाइट से सफर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ना किसी के साथ भी हो सकता है और ऐसे समय में अस्पताल का खर्च किसे उठाना होगा, यह बड़ा सवाल बन जाता है. जानिए कौन उठाएगा खर्च? एयरलाइन, बीमा कंपनी या फिर खुद यात्री?

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एयरलाइन की जिम्मेदारी क्या होती है?

एयरलाइन की जिम्मेदारी क्या होती है?2 / 7

एयलाइन की जिम्मेदारी सीमित होती है और यह मुख्य रूप से उड़ान के दौरान सहायता देने तक रहती है. आमतौर पर एयरलाइन अस्पताल का पूरा खर्च नहीं उठाती है, लेकिन वहीं अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस है तो अस्पताल में भर्ती होने का खर्च आपकी बीमा कंपनी कवर कर सकती है.

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हेल्थ इंश्योरेंस से मिल सकती है मदद

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अगर आप भारत के भीतर यात्रा कर रहे हैं तो आपकी सामान्य हेल्थ पॉलिसी काम आएगी. वहीं अगर अस्पताल आपकी बीमा कंपनी के नेटवर्क में है तो ऐसे में आपको कैशलेस इलाज मिल सकता है. नॉन-नेटवर्क अस्पताल में पहले भुगतान, उसके बाद में क्लेम के जरिए पैसा वापस लिया जा सकता है.

टिकट बुकिंग के टाइम ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी

टिकट बुकिंग के टाइम ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी4 / 7

टिकट बुक करते टाइम लिया गया ट्रैवल इंश्योरेंस ऐसी स्थिति में काफी काम आता है. इसमें अक्सर अस्पताल में भर्ती होने का खर्च, साथ ही दवाइयों का खर्च, मेडिकल इवैक्यूएशन का खर्च अंतरराष्ट्रीय यात्रा में ज्यादा उपयोगी होता है.

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एयरलाइन अपने स्तर पर क्या कर सकती है?

एयरलाइन अपने स्तर पर क्या कर सकती है?5 / 7

प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराती है. जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी लैंडिंग कराती है. इसके साथ ही एम्बुलेंस या फिर मेडिकल टीम बुलाने में मदद करती है. लेकिन ध्यान रहें इसके बाद एयरलाइन अस्पताल का इलाज खर्च नहीं देती हैं. इलाज का पैसा यात्री या फिर बीमा कंपनी को करना होता है.

कब एयरलाइन को देना पड़ सकता है खर्च?

कब एयरलाइन को देना पड़ सकता है खर्च?6 / 7

एयरलाइन से कुछ खास परिस्थितियों जैसे...एयरलाइन का खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ना. वहीं एयरलाइन स्टाफ की लापरवाही. साथ ही सुरक्षा नियमों का पालन न होने पर भी यात्री मुआवजे की मांग कर सकता है.

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यात्रा से पहले ये सावधानी रखें जरूरी बात

यात्रा से पहले ये सावधानी रखें जरूरी बात7 / 7

कई प्रीमियम क्रेडिट कार्ड यात्रा बीमा सुविधा देते हैं. बशर्ते टिकट उसी कार्ड से बुक की गई हो. यात्रा से पहले कुछ जरूरी तैयारी आपके काम आ सकती है जैसे...बीमा पॉलिसी की इमरजेंसी डिटेल्स साथ रखें. पुरानी बीमारी है तो डॉक्टर से Fit to Fly सर्टिफिकेट लें. ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर चेक करें.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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