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Samudrik Shastra: चेहरे पर दिखने वाला छोटा सा मस्सा कई लोगों के लिए केवल निशान होता है. लेकिन परंपरागत भारतीय विद्या सामुद्रिक शास्त्र इसे केवल त्वचा का निशान नहीं मानती है. इस शास्त्र में माना गया है कि चेहरे के अलग-अलग हिस्सों पर मौजूद मस्से व्यक्ति के स्वभाव, भाग्य और जीवन की दिशा के बारे में कुछ संकेत देते हैं. इसी आधार पर कुछ स्थानों के मस्से बेहद शुभ भी माने जाते हैं.
क्या कहता है सामुद्रिक शास्त्र?

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सामुद्रिक शास्त्र प्राचीन भारतीय ज्ञान पर आधारित एक विद्या है. इसमें शरीर के अंगों, चेहरे की बनावट और त्वचा पर बने चिन्हों से व्यक्ति के स्वभाव और जीवन के बारे में अनुमान लगाया जाता है. मस्सा भी इन्हीं संकेतों में शामिल है. माना जाता है कि इसका स्थान जीवन की प्रवृत्तियों को दर्शा सकता है.
माथे पर मस्सा

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माथे के ऊपरी हिस्से या नाक और माथे के मिलन स्थान के पास मस्सा होना शुभ संकेत माना जाता है. ऐसे लोग स्पष्ट बोलने वाले होते हैं. वे अपनी समझ और व्यावहारिक बुद्धि के दम पर आगे बढ़ते हैं. कई बार औपचारिक शिक्षा कम होने के बावजूद जीवन में अच्छा धन और सम्मान प्राप्त कर लेते हैं.
दाहिने गाल पर मस्सा

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पुरुषों के दाहिने गाल पर मस्सा होना कभी-कभी जीवन में संघर्ष का संकेत माना जाता है. ऐसे लोगों को सफलता पाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है. वहीं महिलाओं के लिए यही मस्सा काफी भाग्यशाली माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसी महिलाएं कम प्रयास में भी अच्छी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं.
बाएं गाल पर मस्सा

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पुरुषों के बाएं गाल पर मस्सा लाभकारी माना गया है. परंपरागत मान्यता के अनुसार ऐसे लोगों को विवाह या स्त्री पक्ष से लाभ मिल सकता है. कई बार जीवन में आर्थिक या सामाजिक सहयोग भी इसी माध्यम से मिलता है.
नाक की नोक पर मस्सा

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नाक के बिल्कुल आगे के हिस्से पर मस्सा हो तो व्यक्ति का स्वभाव थोड़ा तेज माना जाता है. ऐसे लोग जल्दी प्रतिक्रिया देते हैं. हालांकि अगर आसपास तिल भी मौजूद हो तो यह संकेत बदल सकता है. तब व्यक्ति उदार और सरल स्वभाव का भी माना जाता है.
आंखों के पास मस्सा

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आंखों के आसपास मस्सा होने को संवेदनशील स्वभाव का संकेत माना जाता है. ऐसे लोग भावनात्मक रूप से जल्दी जुड़ जाते हैं. वे दूसरों की भावनाओं को समझने में भी आगे रहते हैं.
होंठों के पास मस्सा

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होंठों के पास मौजूद मस्सा आकर्षक व्यक्तित्व का प्रतीक माना जाता है. ऐसे लोगों की बोलने की शैली प्रभावशाली होती है. बातचीत के जरिए वे आसानी से लोगों का ध्यान खींच लेते हैं. कई बार यह गुण उन्हें सामाजिक और पेशेवर जीवन में अलग पहचान भी दिला सकता है.