राष्ट्रीय राजधानी में स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय (Prime Ministers' Museum) में आने वाले विजिटर आज, 20 मई से, महात्मा गांधी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संचालित 'हाइपर-रियलिस्टिक' 3D अवतार के साथ बातचीत कर सकेंगे.
विजिटर्स कर सकेंगे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ बात

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अधिकारियों ने समाचार एजेंसी को बताया कि AI-पावर्ड इंटरैक्टिव होलोबॉक्स इंस्टॉलेशन, जो तीसरी प्रदर्शनी है-अत्याधुनिक तकनीक के जरिए बापू की भावना को जीवंत कर देगा.
अधिकारियों ने बताया कि बेहतर बातचीत और विजिटर्स के लिए, म्यूजियम ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को और मजबूत किया है. इससे विजिटर्स राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ बिल्कुल असली जैसी इंटरैक्टिव बातचीत कर पाएंगे.
म्यूजियम में सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के AI-इंस्टॉलेशन

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इससे पहले, म्यूजियम में सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के AI-पावर्ड होलोबॉक्स इंस्टॉलेशन लॉन्च किए गए थे. अधिकारी ने बताया कि म्यूजियम जल्द ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का भी ऐसा ही एक इंस्टॉलेशन लॉन्च करने की योजना बना रहा है.
प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय के निदेशक अश्विनी लोहानी ने समाचार एजेंसी को बताया, 'इस तरह की पहलें भारत की राजनीतिक और लोकतांत्रिक विरासत को समग्र रूप से प्रस्तुत करने के प्रति प्रधानमंत्री संग्रहालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं.'
AI-पावर्ड इंटरैक्टिव HoloBox क्या है?

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AI-पावर्ड इंटरैक्टिव HoloBox एक अत्याधुनिक होलोग्राफिक डिस्प्ले है, जो बेहद असली जैसी और असल साइज की 3D डिजिटल तस्वीरें दिखाता है. इसमें जनरेटिव AI और मोशन-ट्रैकिंग सेंसर लगे हैं, जिनकी मदद से यूजर मशहूर हस्तियों के वर्चुअल अवतारों के साथ स्वाभाविक और रियल-टाइम में बातचीत कर सकते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रोजेक्ट इतिहास के अनुभव को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ता है.
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म्यूजियम में AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल

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लोहानी ने अप्रैल में PTI को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में बताया, 'हम म्यूजियम में AI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने पर काम कर रहे हैं, ताकि आने वाले लोगों का अनुभव और बेहतर हो सके. इसलिए, हमने सरदार पटेल का एक असली साइज का AI-पावर्ड होलोबॉक्स लगाकर इसकी शुरुआत की और उसके बाद पूर्व राष्ट्रपति APJ अब्दुल कलाम का. जल्द ही, हम गांधीजी और अटलजी के भी ऐसे ही अवतार लेकर आएंगे.'
उन्होंने कहा था कि यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है और इस साल मई के आखिर तक इसके लॉन्च होने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री संग्रहालय के बारे में सब कुछ

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प्रधानमंत्री संग्रहालय को पहले नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (NMML) के नाम से जाना जाता था. इस ऐतिहासिक इमारत और इसके संग्रह के प्रबंधन के लिए 1966 में एक सोसाइटी बनाई गई थी. हालांकि, 2022 में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संग्रहालय का उद्घाटन किए जाने के बाद, 2023 में इसका नाम बदलकर प्राइम मिनिस्टर्स म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (PMML) कर दिया गया.