मिडिल ईस्ट में युद्धविराम और होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होने से केंद्र सरकार ने इमरजेंसी सप्लाई के नियम बदलने का फैसला किया। गैस सप्लाई पर नए सरकारी आदेश के साथ कई विशेष प्रावधान हटा दिए गए हैं।
युद्ध के कारण ब्लॉक हुई थी होर्मुज स्ट्रेट

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28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध शुरू होने से होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक हो गई थी। इससे कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई और देश में गैस सप्लाई पर संकट आया। विदेशी कंपनियों ने भी गैस देने से मना करते हुए हाथ खड़े कर दिए थे।
नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर लागू हुआ था

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देश में घरेलू कुकिंग गैस का संकट मंडराने पर केंद्र सरकार ने 9 मार्च 2026 को नेचुरल गैस (सप्लाई रेगुलेशन) ऑर्डर लागू किया था। इसके तहत LPG गैस, LNG और री-गैसिफाइड LNG की सप्लाई, आवंटन, वितरण और उपयोग को नियंत्रित किया गया था।
कंट्रोल का मकसद इमरजेंसी सप्लाई उपलब्ध कराना

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गैस सप्लाई पर इमरजेंसी कंट्रोल गाने का मकसद बिजली, उर्वरक और अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों को पर्याप्त गैस उपलब्ध कराना था, ताकि आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों। अब सरकार ने इस फैसले को वापस लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं।
गैस के उत्पादन और बंटवारे का नियम बदला

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पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने 4 जुलाई 2026 को नया आदेश जारी करके गैस के उत्पादन और बंटवारे पर सरकार नियंत्रण को खत्म कर दिया है, जिसके तहत नियम बनाया गया था कि देश में नेचुरल गैस का कितना उत्पादन होगा और वह किस सेक्टर को कितनी दी जाएगी, यह सब सरकार ही तय करेगी।
अब गैस सभी सेक्टरों और क्षेत्रों को मिलेगी

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नए सरकारी आदेश के अनुसार, अब गैस सभी क्षेत्रों को मिलेगी। मार्च 2026 में जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए और गैस की कमी को देखते हुए सबसे पहले घरेलू इस्तेमाल के लिए गैस सुनिश्चित करने का ऐलान किया गया था। सप्लाई और इस्तेमाल पर अब कोई पाबंदी नहीं, जबकि सरकार ने गैस के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए नेचुरल गैस और LNG की सप्लाई, उसके वितरण और इस्तेमाल पर कड़े नियम लागू किए थे।
केंद्र सरकार सप्लाई की निगरानी करेगी

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मिडिल ईस्ट में युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही नॉर्मल होने पर कंट्रोल हटाए गए। ऐसे में अब गैस की सप्लाई पहले की तरह खुले तौर पर होगी। लेकिन केंद्र सरकार ने नए सरकारी आदेश में स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार सप्लाई पर नजर रखेगी और भविष्य में फिर संकट खड़ा होने पर इससे ज्यादा कड़े कंट्रोल लगाएगी। इसलिए देशवासियों से अपील की गई है कि वे गैस का इस्तेमाल सोच समझकर करें।