दरअसल, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण क्रूड ऑयल की सप्लाई बाधित होने से देश में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ। इससे जहां देश में जरूरत की चीजें और सप्लाई महंगाई हुई, वहीं अब बिजली उत्पादन की लागत बढ़ने से बिजली के रेट भी बढ़ने लगे हैं।
10 प्रतिशत महंगा हुआ बिजली बिल

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UPPCL ने फ्यूल सरचार्ज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इससे बिजली का बिल भी 10 प्रतिशत महंगा हो जाएगा। यह नई फीस जून महीने के बिजली बिल में जुड़कर आएगी। इसका असर प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
बिजली खरीद लागत के कारण बढ़ाया सरचार्ज

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UPPCL के अनुसार, बिजली उत्पादन और खरीद की लागत बढ़ गई है, जिसकी भरपाई के लिए ही फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया गया है। इसे बिजली उपभोक्ताओं के बिल में अलग फीस के रूप में जोड़ा जाएगा। ऐसे में प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं का बिल 10 फीसदी अतिरिक्त हो जाएगा और इस भार का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
गर्मी में बिजली कटों से जूझ रहे प्रदेशवासी

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बता दें कि उत्तर प्रदेश में एन नीनो के असर से भयंकर गर्मी पड़ रही है। इस वजह से लोग गर्मी से बेहाल हैं और बिजली कटों से परेशान हैं। कई शहरों में बिजली की आपूर्ति भी नहीं की जा रही है। गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग के बीच उपभोक्ता पहले से ही बिजली संकट और अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे हैं। अब बिजली दरों में बढ़ोतरी का फैसला उन्हें आक्रोशित कर सकता है।
बिजली कंपनियां खुद तय करतीं फ्यूल सरचार्ज

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बिजली कंपनियां खुद तय कर रहीं फ्यूल सरचार्ज
नियामक आयोग ने जनवरी 2025 में मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन 2025 को मंजूरी दी थी, जिसके तहत बिजली कंपनियों को फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज तय करने का अधिकार मिल गया था, तब से अब तक हर महीने प्रदेश में बिजली महंगी और सस्ती हो रही है। जनवरी में 2.33 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज वसूला गया था, लेकिन अब अचानक सरचार्ज 10 प्रतिशत कर दिया गया. दिसंबर 205 में 5.56% की बढ़ोतरी हुई थी.