EL Nino Alert: एल नीनो से भारत में सूखे का खतरा बढ़ा, PM मोदी ने राज्यों को किया अलर्ट

EL Nino Alert: प्रशांत महासागर में एल नीनो की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों की इस चिंताजनक चेतावनी के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में पीएम मोदी ने सभी राज्यों को अल-नीनो के खतरों से सावधान किया है. इस बैठक में देश के सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों व प्रशासकों ने हिस्सा लिया.

EL NINO.jpg
1 / 6

EL Nino Alert: प्रशांत महासागर में अल-नीनो की आधिकारिक शुरुआत के साथ ही भारत पर सूखे का खतरा मंडराने लगा है. अमेरिका की मौसम एजेंसी 'नोआ' (NOAA) ने गुरुवार सुबह इसका ऐलान किया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले महीनों में यह और भी ज्यादा मजबूत हो सकता है, जिससे दुनिया भर के मौसम में भारी उलटफेर होने की आशंका है. नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी ने सभी राज्यों को अल-नीनो के खतरों से सावधान किया है.

विज्ञापन

क्या होता है एल नीनो?

क्या होता है एल नीनो?2 / 6

सरल भाषा में समझें तो एल नीनो एक प्राकृतिक बदलाव है. यह तब होता है जब प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है. यह बदलाव आमतौर पर हर दो से सात साल में एक बार देखा जाता है. जब समुद्र की सतह गर्म होती है, तो उसके ऊपर की हवा भी गर्म होकर ऊपर उठती है और पूरी दुनिया के मौसम का चक्र बिगाड़ देती है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह साल 1950 के बाद से अब तक का सबसे शक्तिशाली एल नीनो हो सकता है.

विज्ञापन

भारत पर क्या होगा असर?

भारत पर क्या होगा असर?3 / 6

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एल नीनो के सक्रिय होने से भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है. देश में लंबे समय तक सूखा पड़ सकता है और बारिश का तालमेल बिगड़ सकता है. चूंकि हमारे देश में खेती काफी हद तक मानसून के भरोसे चलती है, इसलिए कम बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा देश के बांधों, तालाबों और भूजल के स्तर में भी कमी आ सकती है. विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि इसका सटीक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि एल नीनो कितना मजबूत होता है.

दुनिया भर में मौसम होगा चरम पर

दुनिया भर में मौसम होगा चरम पर4 / 6

एल नीनो की वजह से केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मौसम का मिजाज बदलेगा. इसकी वजह से वैश्विक तापमान बढ़ेगा, जिससे गर्मी के पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं. जहां एक तरफ ऑस्ट्रेलिया, भारत और दक्षिणी अफ्रीका में सूखे के हालात बन सकते हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ तबाही मचा सकती है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह साल 1950 के बाद से अब तक का सबसे शक्तिशाली एल नीनो हो सकता है.

विज्ञापन

पीएम मोदी ने राज्यों में जल संरक्षण की अपील की

पीएम मोदी ने राज्यों में जल संरक्षण की अपील की5 / 6

पीएम मोदी ने बैठक को संबोधित करते हुए अल-नीनो की स्थितियों से पैदा होने वाले खतरों को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने देश को इस बड़े संकट से बचाने के लिए सभी मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में जल संरक्षण (पानी बचाने) के लिए और ज्यादा मजबूत कदम उठाने की अपील की. प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि अगर हमें 'विकसित भारत' का लक्ष्य हासिल करना है, तो केंद्र और राज्यों को ऐसे प्राकृतिक संकटों से निपटने के लिए एक टीम की तरह मिलकर काम करना होगा.

राज्यों को भविष्य के लिए तैयार रहने की भी सलाह

राज्यों को भविष्य के लिए तैयार रहने की भी सलाह6 / 6

पीएम मोदी ने नीति आयोग की इस बैठक में केवल मौसम के संकट पर ही बात नहीं की, बल्कि राज्यों को भविष्य के लिए तैयार रहने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा कि राज्यों को जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीक के अवसरों का पूरा फायदा उठाना चाहिए, वहीं दूसरी तरफ साइबर फ्रॉड और ड्रग्स के बढ़ते गलत इस्तेमाल जैसी सामाजिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी कड़े इंतजाम करने होंगे.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें
विज्ञापन