केंद्र सरकार साल में 2 बार महंगाई भत्ता बढ़ाती है। पहली बार महंगाई भत्ता जनवरी-फरवरी में बढ़ाया जाता है, जो एक जनवरी से लागू होता है और मार्च-अप्रैल में एरियर के साथ मिलता है। दूसरी बार महंगाई भत्ता जुलाई-अगस्त में बढ़ाया जाता, जो एक जुलाई से लागू होता और सितंबर-अक्टूबर तक एरियर के साथ मिल जाता।
सितंबर-अक्टूबर में ऐलान संभव

2 / 5
साल 2026 में पहली छिमाही का महंगाई भत्ता अप्रैल महीने में लागू हुआ था और जनवरी से एरियर के साथ बैंक खातों में आया था। इसलिए दूसरी छिमाही के महंगाई भत्ते का ऐलान सिंतबर या अक्टूबर में हो सकता है, जो जुलाई से एरियर के साथ बैंक खातों में जमा हो सकता है, यानी दोनों बार 3-4 महीने का एरियर मिलेगा।
3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान

3 / 5
बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में इस बार 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। अगर इतना इजाफा हुआ तो महंगाई भत्ता कुल 63 प्रतिशत हो जाएगा। 8वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की चर्चा है। 2027 की पहली छमाही में 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है।
राज्य सरकारें बढ़ा चुकीं महंगाई भत्ता

4 / 5
बता दें कि राज्य सरकारें एक-एक करके महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी घोषणा कर रही हैं। उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, गोवा, ओडिशा, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश में दूसरी छिमाही का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया गया है। अब इन राज्यों के सभी सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है।
एरियर के साथ बैंक खाते में आएगा

5 / 5
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान किया। साथ ही निर्देश दिया कि सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों का बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एरियर के साथ खाते में ट्रांसफर कर दिया जाए। सितंबर तक सभी के खाते में महंगाई भत्ता पूरी रकम के साथ पहुंच जाएगा।