उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र महंगा कर दिया है। सरकारी आदेश मिलने के बाद सभी जिलों के नगर निगमों ने अधिकारियों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की नई फीस लोगों से वसूलने का निर्देश दिया है।
कैटेगरी वाइज फीस बढ़ाई गई

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सरकारी आदेश के अनुसार, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कैटेगरी वाइज फीस बढ़ाई गई है। दोनों प्रमाण पत्रों के लिए सामान्य आवेदन के लिए अलग फीस लगेगी। तय सीमा से लेट प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग फीस लगेगी। एक साल पुराना रिकॉर्ड होने पर अलग फीस लगेगी।
सामान्य आवेदन की फीस 20 रुपये

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सरकारी आदेश के अनुसार, लोगों को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सामान्य आवेदन करना है तो अब 20 रुपये फीस देनी होगी। पहले यह फीस 2 रुपये थी, लेकिन अब 10 गुना ज्यादा 20 रुपये फीस लगेगी।
विशेष श्रेणी के आवेदन की फीस बढ़ी

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सरकारी आदेश के अनुसार, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में देरी करने पर या किसी स्पेशल कैटेगरी का जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है तो अब 50 रुपये फीस देनी होगा, जबकि पहले यह फीस सिर्फ 5 रुपये थी।
एक साल पुराने रिकॉर्ड की नई फीस

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सरकारी आदेश के अनुसार, सबसे ज्यादा आर्थिक बोझ उन लोगों पर पड़ेगा, जिन्हें एक वर्ष से ज्यादा पुराने जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए। इसके लिए आवेदन करते समय अब 100 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले फीस 10 रुपये थी।
क्यों जरूरी हैं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र?

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जन्म प्रमाण पत्र बच्चे को स्कूल में एडमिशन दलाने, आधार कार्ड, पासपोर्ट बनवाने तथा आयु-नागरिकता के कानूनी प्रमाण पत्र के लिए चाहिए। वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र बैंक खाते बंद कराने, बीमा क्लेम लेने, संपत्ति के उत्तराधिकार, पेंशन एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है।