झारखंड सिर्फ खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति, झरनों और ऐतिहासिक विरासत के लिए भी देशभर में प्रसिद्ध है. आइए जानते हैं झारखंड से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य, जो इस राज्य को खास बनाते हैं.
झारखंड का जन्म कब हुआ?

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झारखंड भारत का 28वां राज्य है, जिसका गठन 15 नवंबर 2000 को बिहार से अलग होकर हुआ था. ये दिन महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर चुना गया था. आज रांची इसकी राजधानी और दुमका उप-राजधानी है.
‘जंगलों की धरती’ क्यों कहलाता है झारखंड?

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झारखंड का मतलब ही होता है 'जंगलों की धरती'. इसे वनांचल भी कहा जाता है. झारखंड का बड़ा हिस्सा घने जंगलों से घिरा हुआ है, जहां तरह-तरह के वन्यजीव और दुर्लभ वनस्पतियां पाई जाती हैं. यही कारण है कि नेचर लवर्स के लिए ये एक शानदार टूरिस्ट प्लेस माना जाता है.
खनिज संपदा का खजाना

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झारखंड भारत के सबसे खनिज समृद्ध राज्यों में गिना जाता है. यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, अभ्रक और बॉक्साइट जैसे अहम खनिज बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं. देश के खनिज उत्पादन में इस राज्य का बड़ा योगदान है.
भारत का पहला नियोजित औद्योगिक शहर

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झारखंड का जमशेदपुर भारत का पहला नियोजित औद्योगिक शहर माना जाता है. इसकी स्थापना उद्योगपति जमशेदजी टाटा ने की थी. जमशेदपुर भारत का स्टील शहर भी कहलाता है.
झरनों की राजधानी है रांची

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राजधानी रांची को ‘सिटी ऑफ वॉटरफॉल्स’ कहा जाता है. यहां हुंडरू, जोन्हा, दशम और हिरनी जैसे खूबसूरत झरने मौजूद हैं, जो हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं.
लोध वॉटरफॉल की अनोखी पहचान

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लोध वॉटरफॉल झारखंड का सबसे ऊंचा झरना माना जाता है. ये घने जंगलों के बीच मौजूद है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है. प्रकृति और एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए ये एक बेहतरीन जगह है.
आदिवासी संस्कृति की समृद्ध विरासत

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झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति से भी जुड़ी है. यहां संथाल, मुंडा, हो और उरांव जैसी कई प्रमुख जनजातियां रहती हैं, जिन्होंने अपनी परंपराओं और संस्कृति को आज भी जीवित रखा है.
छऊ नृत्य की विश्व प्रसिद्धि

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झारखंड का छऊ नृत्य देश-विदेश में प्रसिद्ध है. ये लोकनृत्य अपनी रंग-बिरंगी वेशभूषा, मुखौटों और अनोखी प्रस्तुति के लिए जाना जाता है. इसे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं. साथ ही, झारखंड में मौजूद Baidyanath Dham, Parasnath Hill और Rajrappa Temple जैसे धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं. सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं.
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