गुजरात पहुंचा 20 हजार टन LPG से भरा टैंकर, जानिए भारत में कितने वक्त तक चलेगी इतनी गैस
पश्चिम एशिया संकट के बीच 20 हजार टन एलपीजी लेकर 'सिमी' टैंकर गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया है. लेकिन भारत जैसे बड़े देश में इतनी गैस सिर्फ कुछ घंटों के लिए ही काफी मानी जा रही है.

गुजरात पहुंचा 20 हजार टन LPG वाला टैंकर
2 / 7पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. 'सिमी' नाम का एलपीजी टैंकर 20 हजार टन गैस लेकर गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल पोर्ट पहुंच गया है. यह टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार करके भारत पहुंचा. मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध की वजह से तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. ऐसे समय में इस टैंकर का सुरक्षित भारत पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट पार करना था सबसे बड़ा चुनौती
3 / 7'सिमी' टैंकर ने 13 मई को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था. ये दुनिया का बेहद संवेदनशील समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
भारत में कितने समय चलेगी 20 हजार टन गैस?
4 / 7सुनने में 20 हजार टन LPG बहुत ज्यादा लगती है, लेकिन भारत जैसे विशाल देश में ये मात्रा सिर्फ लगभग 8 घंटे की जरूरत पूरी कर सकती है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी उपभोक्ता देश है.
भारत में रोज कितनी होती है LPG की खपत?
5 / 7भारत में सामान्य दिनों में हर रोज लगभग 55 हजार से 60 हजार मीट्रिक टन एलपीजी की खपत होती है. त्योहारों या पीक सीजन में ये मांग बढ़कर 80 हजार से 90 हजार टन प्रतिदिन तक पहुंच जाती है.
घरेलू कंपनियां कितना LPG बनाती हैं?
6 / 7इंडियन ऑयल और BPCL जैसी सरकारी कंपनियां देश की कुल एलपीजी जरूरत का करीब 40 से 60 प्रतिशत हिस्सा घरेलू स्तर पर तैयार करती हैं. बाकी जरूरत आयात के जरिए पूरी की जाती है.
भारत के पास कितना LPG स्टॉक मौजूद?
7 / 7भारत की कुल एलपीजी स्टोरेज कैपिसिटी करीब 16 लाख टन है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के पास लगभग 45 दिनों का रोलिंग स्टॉक उपलब्ध रहता है, ताकि संकट की स्थिति में सप्लाई जारी रह सके. (All Photos Credit: Social Media)