Monsoon Care For Children: मानसून में बड़ों और बच्चों सभी को खास देखरेख की जरूरत होती है. बच्चे अपना ख्याल खुद नहीं रख सकते इसीलिए पैरेंट्स को उनकी एक्स्ट्रा देखभाल करनी होती है. इसी बारे में बताते हुए डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. राधिका रहेजा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर किया है. डर्मेटालॉजिस्ट बता रही हैं कि मानसून में बच्चा स्कूल से घर लौटकर आए तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे बच्चे की सेहत खराब ना हो.
स्कैल्प चेक करें

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बच्चा स्कूल से लौट आए तो बच्चे की स्कैल्प देखें. यह देखें कि बच्चे के सिर पर जूं या लीखें तो नहीं आ गए हैं. खासकर कान के पीछे और सिर के ऊपर चेक करें.
जूते-जुराब बदलें

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बच्चा स्कूल से लौट आए तो सबसे पहले उसके जूते और जुराब बदलें. वहीं, अगर बच्चे के कपड़े चाहे गीले हों या सूखे हुए, उन्हें भी बदल दें.
फोल्ड एरिया करें साफ

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बच्चा कपड़े बदल ले तो उसके बाद बच्चे के शरीर के जो फोल्ड एरिया हैं जैसे जांघों के पास, अंडरआर्म के पास या गर्दन के पास और पंजों के बीच में अच्छे से सुखाएं और उसके बाद ही बच्चे को कोई और कपड़े पहनाएं.
अगले दिन ऐसे पहनाएं जूतें

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अगले दिन जब आप बच्चे को जूते पहना रहे हों तो ध्यान रखें कि बच्चों के जूते पूरी तरह सूखे हुए हैं. कोशिश करें कि आप बरसात के दिनों में बच्चे के लिए एक्स्ट्रा जूते रखें.
शेयर ना करें एक्सरसरीज

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इस बात का ध्यान रखें कि आपको बच्चे के साथ अपनी कोई एक्सररसीज शेयर नहीं करनी हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इससे बच्चों को फंगल इंफेक्शन होने का खतरा रहता है.
अगर शरीर पर रैशेज हों

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अगर बच्चे को शरीर पर किसी भी तरह के रैशेज हो रहे हैं, खुजली हो रही है या फिर कहीं पस वाले दाने हो रहे हैं तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.