
1 / 8
Gems Wearing Rules: ज्योतिष में रत्नों को ग्रहों की ऊर्जा से जोड़ा गया है. माना जाता है कि सही रत्न जीवन में संतुलन ला सकता है, जबकि गलत संयोजन उलझन बढ़ा सकता है. इसी कड़ी में मोती का खास महत्व है. मोती चंद्रमा का रत्न माना जाता है. चंद्रमा मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति के कारक हैं. इसलिए इसे धारण करते समय विशेष सावधानी जरूरी बताई जाती है. आइए जानते हैं, क्यों खास है मोती और इसके साथ किन 5 रत्नों को नहीं धारण करना चाहिए?

2 / 8
क्यों खास है मोती? - मोती मन को शांत करने वाला रत्न माना जाता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर हो, उन्हें अक्सर मोती पहनने की सलाह दी जाती है. यह मानसिक स्थिरता, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक सुख से जोड़ा जाता है. लेकिन हर रत्न के साथ इसे पहनना उचित नहीं माना जाता है.

3 / 8
हीरा के साथ टकराव - हीरा शुक्र ग्रह का रत्न है. शुक्र और चंद्रमा के स्वभाव में अंतर माना जाता है. ज्योतिष मान्यता के अनुसार दोनों को साथ पहनने से निर्णय क्षमता प्रभावित हो सकती है. खर्च बढ़ने और रिश्तों में तनाव की आशंका भी बताई जाती है. इसलिए दोनों रत्न एक साथ धारण करने से पहले विशेषज्ञ की राय जरूरी है.

4 / 8
नीलम से दूरी क्यों? - नीलम शनि का रत्न है. शनि और चंद्रमा का संबंध सहज नहीं माना जाता. कहा जाता है कि दोनों का प्रभाव एक साथ होने पर मानसिक दबाव बढ़ सकता है. काम में रुकावट और अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है. इसलिए मोती और नीलम का मेल सावधानी मांगता है.

5 / 8
पन्ना से असंतुलन - पन्ना बुध ग्रह का रत्न है. बुध तर्क और बुद्धि का प्रतीक है, जबकि चंद्रमा भावनाओं का. दोनों की ऊर्जा अलग दिशा में काम करती है. मान्यता है कि इन्हें साथ पहनने से निर्णय में भ्रम पैदा हो सकता है. खासकर व्यापार से जुड़े लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.

6 / 8
गोमेद का असर - गोमेद राहु का रत्न है. राहु को छाया ग्रह माना जाता है. राहु और चंद्रमा का संयोजन मानसिक अस्थिरता बढ़ा सकता है. तनाव, भ्रम और अनावश्यक चिंता की स्थिति बन सकती है. इसलिए दोनों को साथ पहनने से बचने की सलाह दी जाती है.

7 / 8
लहसुनिया से सावधानी - लहसुनिया केतु का रत्न है. केतु आध्यात्म और अलगाव का कारक माना जाता है. चंद्रमा भावनात्मक जुड़ाव दर्शाता है. दोनों का प्रभाव विपरीत दिशा में जा सकता है. इससे मन में अस्थिरता या बेचैनी महसूस हो सकती है.

8 / 8
ज्योतिष सलाह है जरूरी - ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार कोई भी रत्न पहनने से पहले कुंडली का विश्लेषण जरूरी है. बिना सलाह के रत्न धारण करना जोखिम भरा हो सकता है. सही जानकारी और मार्गदर्शन से ही रत्नों का लाभ मिल सकता है.