क्या पंखे पर चढ़ी धूल की परत से भी बढ़ता है बिजली बिल? 90% लोग करते हैं ये बड़ी गलती

क्या आपका सीलिंग फैन भी पहले जैसी हवा नहीं दे रहा? इस इसकी वजह सिर्फ मोटर नहीं, बल्कि ब्लेड पर जमी धूल भी हो सकती है. जानिए कैसे एक छोटी-सी सफाई आपकी जेब का खर्च बचा सकती है.

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गर्मियों में सीलिंग फैन लगभग हर घर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में से एक होता है. बिजली बचाने के लिए लोग अक्सर पंखे की स्पीड कम कर देते हैं, लेकिन एक छोटी सी बात पर इग्नोर कर देते हैं, वो है पंखे पर जमी धूल की परतें. जो पंखे की कार्यक्षमता को कम करता है.

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धूल जमा होने से क्यों बढ़ती है बिजली की खपत?

धूल जमा होने से क्यों बढ़ती है बिजली की खपत?2 / 7

खिड़कियों और दरवाजों से आने वाले बारीक धूल के कण धीरे-धीरे पंखे के ब्लेड पर जमा होने लगते हैं. समय के लिए साथ ये परत मोटी हो जाती है. खासकर ब्लेड के किनारों पर धूल जमा होने से उसक बेलेंस हवा काटने की क्षमता प्रभावित होती है. ऐसे में पंखे को पहले जैसी हवा देने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे बिजली की खपत बढ़ सकती है.

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हवा कम आने की वजह मोटर नहीं, धूल भी हो सकती है

हवा कम आने की वजह मोटर नहीं, धूल भी हो सकती है3 / 7

अगर पंखा पूरी स्पीड में चल रह है, लेकिन कमरे में पहले जैसी ठंडी हवा महसूस नहीं हो रही, तो इसे वजह ब्लेड पर जमी धूल भी हो सकती है. धूल की मोटी परत हवा के प्रवाह को कम कर देती है. कई लोग इसे मोटर की खराबी समझ लेते हैं, जबकि कई बारि सिर्फ अच्छी तरह सफाई करने से समस्या दूसर हो जाती है.

मोटर पर बढ़ सकता है दबाव

मोटर पर बढ़ सकता है दबाव4 / 7

जब ब्लेड गंदे होते हैं तो पर्याप्त हवा देने के लिए मोटर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. लंबे समय तक ऐसा होने पर मोटर पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ सकता है. इसलिए नियमित साफी पंखे की बेहतर परफॉर्मेंस और बिजली बचाने के लिए भी जरूरी मानी जाती है.

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धूल से पंखा डगमगाने भी लग सकता है

धूल से पंखा डगमगाने भी लग सकता है5 / 7

अगर ब्लेड पर एक जैसी धूल नहीं जमी तो पंखे का बैलेंस बिगड़ सकता है. इसकी वजह से पंखा चलते समय हिलने या डगमगाने लगता है. लगातार कंपन होने से मोटर और माउंटिंग सिस्टम पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है.

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें

इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें6 / 7

अगर पंखे से असामान्य आवाज आने लगे, वह जरूरत से ज्यादा हिलने लगे या बार-बार बंद होने लगे, तो इसे सामान्य बात समझकर अनदेखा न करें. अगर स्क्रू ढीले हों या फिटिंग कमजोर हो जाए, तो सुरक्षा का खतरा भी बढ़ सकता है.

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समय-समय पर सफाई और जांच है सबसे जरूरी

समय-समय पर सफाई और जांच है सबसे जरूरी7 / 7

पंखे की नियमित सफाई करने से उसकी हवा देने की क्षमता बेहतर बनी रहती है और बिजली की खपत बढ़ने की संभावना भी कम हो सकती है. अगर सफाई के बाद भी कोई समस्या बनी रहे, तो किसी अच्छे टेक्नीशियन से जांच करवाना बेहतर रहेगा.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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