लेडी सुपरस्टार कही जाने वाली 60s की ये एक्ट्रेस सिर्फ रील लाइफ ही नहीं बल्कि रियल लाइफ वॉरियर है. उन्होंने जीवन में काफी संघर्ष किया. ताउम्र कुवांरी रहकर जिम्मेदारियों को निभाते हुए समाज के सारे बंधन तोड़े.
जिम्मेदारियों में बंधी वेटरन एक्ट्रेस

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कई बार हम जिम्मेदारियों को नहीं चुनते, बल्कि जिम्मेदारियां हमें चुन लेती हैं. ऐसा ही कुछ इस 60s की अभिनेत्री के साथ हुआ, जिसने ना कभी अपना बचपन देखा और ना ही जवानी.
महज 8 साल में उठाई जिम्मेदारी

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जब 8 वर्ष की इस नन्ही एक्ट्रेस के पिता का देहांत हो गया, तो पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में डूब गया. 6 भाई-बहनों के साथ ये एक्ट्रेस तीसरे नंबर पर आती है. इस कठिन समय में इस 8 साल की बच्ची ने घर की पूरी जिम्मेदारी संभाली.
मजबूरी में चुना अभिनय का रास्ता

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आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से अभिनेत्री ने मजबूरी में अभिनय का रास्ता चुना. परिवार का पेट पालने के लिए चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम किया. इस वजह से खुद की पढ़ाई भी छूट गई.
छोटी बहन का स्टारडम

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बाल कालकार से मुख्य अभिनेत्री बनने का सफर आसान नहीं था, शुरुआत में उन्हें ग्लैमर की कमी कहकर रिजेक्ट भी किया गया. लेकिन एक्ट्रेस ने हार नहीं मानी. फिर एक ऐसा दौर आया जब उन्हें 1959 में एक फिल्म मिली, जिसने उनकी जिंदगी ही बदल डाली.
रातों रात बनीं सुपरस्टार

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चाइल्ड आर्टिस्ट से लेडी सुपरस्टार के इस सफर में साल 1959 का बड़ा हाथ था. सुपरहिट फिल्म 'छोटी बहन' (Chhoti Bahen) ने एक्ट्रेस को रातों-रात स्टार बना दिया. इस फिल्म का गाना "भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना" आज भी रक्षाबंधन का सबसे लोकप्रिय गीत है.
शशि कपूर बने गाइडिंग लाइट

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इसके बाद इनका शशि कपूर से नाता बढ़ा. शशि कपूर उस वक्त नए थे. उन्होंने एक्ट्रेस के साथ बैक टू बैक 8 फिल्में साइन की, जिसने उन्हें और शशि कपूर दोनों के करियर को शिखर पर पहुंचा दिया. उनकी फिल्म 'जब जब फूल खिले' (1965) ब्लॉकबस्टर रही, जिसने शशि कपूर को सुपरस्टार बनाया.
कौन है ये एक्ट्रेस?

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इस लेडी सुपरस्टार का नाम है- अभिनेत्री नंदा, जिन्होंने 60s के जमाने में कई सुपरहिट फिल्में दीं. अपने बेहतरीन दौर में नंदा ने 'गुमनाम', 'हम दोनों', 'कानून', 'इत्तेफाक' और 'प्रेम रोग' जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपनी शानदार अदाकारी का लोहा मनवाया.
कभी नहीं की शादी

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बता दें कि परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के बाद नंदा ने काफी देर से अपनी निजी जिंदगी के बारे में सोचा. अपनी अजीज दोस्त वहीदा रहमान के कहने पर, 1992 में उन्होंने मशहूर फिल्म निर्माता मनमोहन देसाई से सगाई की. लेकिन दोनों की शादी नहीं हो पाई. क्योंकि साल 1994 में एक बेहद दुखद हादसे में मनमोहन देसाई की अपनी बालकनी से गिरकर मौत हो गई थी. इसके बाद वे हमेशा कुवांरी रहीं.